नई दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक दिन पहले ही 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी, और आज उसका फाइन प्रिंट सामने आ गया। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे सामने रखा है। इससे साफ है कि देश की जीडीपी के 10 फीसदी के बराबर के पैकेज में अगर सबसे पहले छोटे कारोबारियों का ध्यान रखा गया है तो यह संकेत कुछ न कुछ कहता है। आज की घोषणाओं खासियत यह है कि इसें पहली बार आर्थिक मदद के साथ भरोसा भी जताया गया है।

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क्या यह बड़ा दांव है

पीएम मोदी के पैकेज के हिस्से के रूप में आज करीब साढ़े तीन से चार लाख करोड़ रुपये देश के छोटे कारोबारियों के हिस्से में आए हैं। यानी यह 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का करीब 20 फीसदी हिस्सा बनता है। देश में करीब 45 लाख एमएसएमई कारोबारी हैं। अभी तक इनके लिए बातें बहुत होती थीं, लेकिन इनके हाथ में कम ही आता था।

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इस बार क्या बदला

पहली बार देश में आपात स्थिति में कोई पैकेज जारी हुआ है और उसमें बड़ी कंपनियों से पहले छोटी कंपनियों को महत्व दिया गया है। यह सरकार का बड़ा दांव है। सरकार ने न केवल इन सेक्टर के करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का सीधा फंड का इंतजाम किया है, बल्कि इनकी परिभाषा ही बदल दी है। अब एमएसएमई की 3 श्रेणियां तो बना दी गईं थी, लेकिन कारोबार की लिमिट को नही बढ़ाया गया था। इस बार यह हो भी गया है और भरपूर मात्रा में हुआ है। इस बात का महत्व अभी लगाना कठिन है, लेकिन समय के साथ यह बदली परिभाषा काफी कुछ बदलेगी।

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