नयी दिल्ली। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम (एमएसएमई) उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि एमएसएमई सेक्टर को प्राइवेट सिक्योरिटी उपकरण बनाने पर ध्यान देना चाहिए। हाल ही में एक प्रोग्राम में उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा देने के लिए निजी सुरक्षा उद्योग को भारत में सुरक्षा उपकरण बनाने की संभावनाएं तलाशनी चाहिए। उन्होंने इस उपकरणों का निर्यात किए जाने की भी बात कही। फिक्की के वेबिनार को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि कोरोना लॉकडाउन ने हमें बिना हथियार वाले गार्ड्स के महत्व का एहसास कराया है।

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इकोनॉमी के लिए चुनौतियां
नितिन गडकरी ने कहा कि इस समय हमारी इकोनॉमी बहुत सारी चुनौतियों की सामना कर रही है और सरकार निजी सुरक्षा उद्योग का समर्थन करने की इच्छुक है जो भारत में सबसे बड़े एम्प्लोयर्स में से एक होने की क्षमता रखता है। यानी इस सेगमेंट रोजगार के बहुत मौके बन सकते हैं। सुरक्षा उपकरण इंडस्ट्री के फ्यूचर के बारे में उन्होंने कहा कि भविष्य में ये उद्योग टेक्नोलॉजी के साथ मैनपावर के इंटीग्रेशन का गवाह बनेगा। इसके लिए स्किल डेवलपमेंट की आवश्यकता है।

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5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी
उन्होंने आगे कहा कि देश को भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के पीएम नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उनके अनुसार 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का टार्गेट मुश्किल लग सकता है, लेकिन इसे हासिल करना असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सकारात्मकता और आत्मविश्वास के साथ भारत कोरोना संकट से बाहर आ जाएगा।

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एमएसएमई के सहयोग के लिए जरूरी कदम
इससे पहले एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा था कि सरकार घरेलू व्यवसायों को समर्थन देने के लिए कुछ सेक्टरों के उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाने पर विचार करेगी। गडकरी ने इंडिया@75 शिखर सम्मेलन में कहा कि इस फैसले को अच्छा नहीं माना जाएगा। उन्होंने जिन क्षेत्रों के प्रोडक्ट्स पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाई जा सकती है उनका नाम लिए बिना ये बात कही। हालांकि उन्होंने कहा कि इम्पोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी से निर्माताओं को उत्पादन की मात्रा बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिसके नतीजे में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए उत्पादों की लागत में कमी आएगी।