नयी दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के अनुसार रिलायंस जियो ने अपना कम्प्लीट 5जी सॉल्यूशन डिजाइन और डेवलप किया है, जो अगले साल ट्रायल और फील्ड तैनाती के लिए तैयार होगा। अंबानी ने कहा कि भारत में 5जी स्पेक्ट्रम उपलब्ध होते ही जियो के अपने 5जी सॉल्यूशन का उपयोग करते हुए ट्रायल शुरू किया जाएगा। अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स को 5जी सॉल्यूशन को अन्य दूरसंचार ऑपरेटरों के लिए तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों का उपयोग करके हम (Jio) ऐसे सॉल्यूशन बना सकते हैं जो मीडिया, वित्तीय सेवाओं, नए कॉमर्स, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, स्मार्ट शहरों, स्मार्ट मैन्यूफैक्चरिंद और स्मार्ट मोबिलिटी जैसे कई उद्योग कार्यक्षेत्रों और ईकोसिस्टम का विस्तार कर सकते हैं।

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एंड-टू-एंड 5जी टेक्नोलॉजी

मार्च में रिपोर्ट्स आई थीं कि रिलायंस अपना 5जी सॉल्यूशन तैयार करेगी। जानकारों ने कहा था कि ये वैश्विक स्तर पर इस तरह का पहला प्रयास है, जहां मोबाइल फोन कंपनी ने थर्ड पार्टी उपकरण विक्रेताओं की जगह इन-हाउस तकनीक विकसित की है। एंड-टू-एंड 5जी तकनीक विकसित होने के बाद जियो कृषि क्षेत्र में ड्रोन, औद्योगिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटलीकरण का उपयोग करके सुरक्षा और निगरानी जैसे समाधानों की एक श्रृंखला पेश करेगी।

जियो ने मांगी थी सरकार की मंजूरी

ऐसी भी रिपोर्ट थी कि जियो ने दूरसंचार विभाग से 5जी प्रोडक्ट्स के लैब परीक्षण के लिए मंजूरी मांगी थी, जो अंबानी की कंपनी ने अपने दम पर विकसित की है। आगे जियो किसी थर्ड पार्टी विक्रेता या प्रौद्योगिकी प्रदाता की भागीदारी के बिना अपने परिसर में ही नेटवर्क स्थापित करने की पूरे प्रोसेस पर काम करेगी। दूरसंचार ऑपरेटर ने इस साल की शुरुआत में 5जी फील्ड ट्रायल के लिए अलग-अलग आवेदन सबमिट किए थे।

रिलायंस की एजीएम

रिलायंस की 43वीं एजीएम को संबोधित करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस 150 अरब डॉलर की मार्केट-कैप वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई। पिछले साल के एजीएम भाषण में मैंने शुद्ध कर्ज मुक्त होने के लक्ष्य को साझा किया था। मुझे बताते हुए खुशी है कि हमने लक्ष्य से पहले अपना टार्गेट हासिल कर लिया। उन्होंने रिलायंस के सफल राइट्स इश्यू का भी जिक्र किया जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा राइट्स इश्यू रहा है। अंबानी ने जानकारी दी है कि अमेरिकी तकनीक दिग्गज कंपनी गूगल जियो प्लेटफॉर्म्स में 33,737 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। गूगल इसके बदले जियो प्लेटफॉर्म्स में 7.7 फीसदी हिस्सेदारी की मालिक बन जाएगी। बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई है।