नयी दिल्ली। पिछले महीने सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर के लिए 3 लाख करोड़ रुपये के लोन का ऐलान किया था। सरकार का मकसद इस लोन से करीब 45 लाख एमएसएमई को लिक्विडिटी पहुंचाना है। मगर क्या आप जानते हैं कि एमएसएमई मंत्रालय पहले से भी इस सेक्टर के लिए कई योजनाएं चला रहा है। इन्हीं में से एक है ब्याज सब्सिडी पात्रता प्रमाण पत्र (आईएसईसी) योजना। क्या है ये योजना और किस क्षेत्र के लिए इसे पेश किया गया आइये जानते हैं सब कुछ।

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खादी कार्यक्रम के लिए है योजना

मालूम हो कि देश में खादी को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी ने खादी कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसका जिक्र उन्होंने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा करते हुए भी किया था। आईएसईसी योजना खादी कार्यक्रम के लिए खास है। आईएसईसी योजना खादी संस्थानों द्वारा शुरू किए गए खादी कार्यक्रम की फंडिंग वित्तपोषण का एक महत्वपूर्ण मैकेनिज्म है। यह योजना खादी कार्यक्रम के लिए असल फंड जरूरत और बजटीय स्रोतों से पैसों की उपलब्धता के बीच के अंतर को भरने के लिए बैंकिंग संस्थानों से पैसा जुटाने के लिए पेश की गई थी।

मिलता है सस्ता लोन

आईएसईसी योजना के तहत कार्यशील पूंजी (Working Capital) के लिए 4 फीसदी प्रति वर्ष की रियायती दर पर लोन संस्थानों की जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है। खास बात यह है कि वास्तविक उधार दर और 4 फीसदी के बीच के अंतर का भुगतान केंद्र सरकार खुद करती है। सरकार केवीआईसी (खादी और ग्रामोद्योग आयोग) के माध्यम से उधार देने वाले बैंकों को ये भुगतान करती है।

कौन कर सकता है आवेदन

वे खादी संस्थान जिनके पास वैध खादी प्रमाण पत्र है और खादी प्रोग्राम के लिए मंजूरी है इस लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। केवीआईसी / राज्य खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड (केवीआईबी) के साथ पंजीकृत संस्थान आईएसईसी योजना के तहत फाइनेंसिंग का लाभ उठा सकते हैं। ध्यान रहे कि योजना केवल खादी और पॉलीवस्त्र क्षेत्र को सपोर्ट करती है।

कैसे करें आवेदन

खादी संस्थानों को केवीआईसी द्वारा जारी किए गए आईएसईसी प्रमाण पत्र के साथ कार्यशील पूंजी के लिए फाइनेंस बैंक के पास आवेदन करना होगा। स्वीकृत कार्यशील पूंजी के आधार पर फाइनेंसिंग बैंक 4 फीसदी से अधिक की ब्याज दर के अंतर की प्रतिपूर्ति के लिए मुख्य शाखा के पास क्लेम करेगा।