नयी दिल्ली। सरकार की तरफ से कोरोना संकट के प्रभाव से निपटने के लिए एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) के लिए 3 लाख करोड़ रुपये के विशेष लोन का ऐलान किया गया था। इस 3 लाख करोड़ रुपये के तहत एमएसएमई पात्र उधारकर्ताओं को अपनी क्रेडिट कंपनियों से ऑफर मिलेगा। मालूम हो कि 3 लाख करोड़ रु की गारंटीड इमरजेंसी क्रेडिट लाइन (जीईसीएलएस) का ऐलान भारत सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के तहत किया गया था। एफएक्यू (FAQs) के एक सेट के अनुसार, जो राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (एनसीजीटीसी) द्वारा पब्लिश किया गया है, जीईसीएल एक लोन है जिसके लिए नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी द्वारा सदस्य क्रेडिट संस्थानों (एमएलआई) को 100 फीसदी गारंटी प्रदान की जाएगी। इनमें एमएलआई में बैंक, वित्तीय संस्थान और एनबीएफसी कंपनियां शामिल हैं। ये लोन योग्य एमएसएसई / कमर्शियल एंटरप्राइजेज को बैंकों के मामले में एक अतिरिक्त टर्म वर्किंग कैपिटल फैसिलिटी के रूप में दिया जाएगा। वहीं एनबीएफसी के मामले में ये कर्ज अतिरिक्त टर्म लोन की सुविधा के रूप में दिया जाएगा।
जीईसीएलएस का उद्देश्य कोरोना संकट के कारण उन एमएसएमई फर्म्स को आर्थिक सहायता देना है जो दिक्कतों का सामना कर रही हैं। कोरोना संकट के चलते एमएसएमई सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग और दूसरी गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। इस योजना का उद्देश्य एमएसएमई के सामने आए ऐसे ही आर्थिक संकट को कम करने के लिए उन्हें पूरी तरह से गारंटी वाले इमरजेंसी लोन के रूप में 3 लाख करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करना है। जीईसीएलएस के जरिए वित्तीय संस्थानों को कम लागत वाले लोन मुहैया करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
- ये स्कीम 29 फरवरी तक मुद्रा योजना के तहत दिए गए लोन भी कवर करेगी
- बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए योजना की ब्याज दर 9.25% और एनबीएफसी के लिए 14% है। ईएमआई पर मिलने वाली मोहलत की समाप्ति के बाद प्रिंसिपल अमाउंट 36 किस्तों में चुकाया जाना चाहिए
- जीईसीएल के तहत दिए गए ऋणों की अवधि चार साल होगी और जल्दी लोन चुकाने पर के लिए कोई जुर्माना नहीं होगा
- योजना के तहत मूल राशि पर एक वर्ष की छूट अवधि के साथ लोन की अवधि 4 साल है
- जीईएसएल के दी जाने वाली पूरी धनराशि पर एमएलआई को एनसीजीटीसी द्वारा 100% क्रेडिट गारंटी के साथ प्रदान की जाएगी
बता दें कि सरकार की तरफ से एमएसएमई के लिए लोन और कई अन्य बेनेफिट घोषित किए जाने के बाद देश भर के स्टार्ट-अप्स और छोटे व्यवसाय काफी तेजी से एमएसएमई मंत्रालय के पंजीकरण पोर्टल, उद्योग आधार, पर खुद को एमएसएमई रजिस्टर करने के लिए आवेदन कर रहे हैं। लोन के जरिए लिक्विडिटी हासिल करने के साथ-साथ बाकी बेनेफिट प्राप्त करने के लिए स्टार्ट-अप्स और छोटे व्यवसाय ऐसा कर रहे हैं। मगर एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोन मिलना थोड़ा मुश्किल है। इस नए लोन को 'एडिशनल वर्किंग कैपिटल फाइनेंस' की कैटेगरी में रखा गया है, जो उन फर्म्स के लिए है जिन्हें से पहले लोन मिल चुका है और उनका टर्नओवर 100 करोड़ रु तक है।
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