नयी दिल्ली। सरकार बहुत जल्द एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) के लिए एक फंड ऑफ फंड्स लॉन्च करने वाली है। इसके जरिए छोटे कारोबारों में वेंचर कैपिटल और निजी इक्विटी फर्मों द्वारा निवेश आमंत्रित किया जाएगा। इस बात की जानकारी एमएसएमई सचिव एके शर्मा ने दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल मई में एमएसएमई के लिए 50,000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता प्रदान करने के लिए फंड ऑफ फंड्स की घोषणा की थी। शर्मा के अनुसार अधिकतर औपचारिक्ताएं पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द हम बाजार का रुख करेंगे और निजी इक्विटी फर्म्स और वेंचर कैपिटल फंड्स को आमंत्रित करेंगे।

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सरकार देगी 10000 करोड़ रु
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार स्कीम के तहत 10000 करोड़ रु सरकार से आएंगे। जबकि बाकी 40000 करोड़ रु मार्केट के जरिए निजी इक्विटी फर्म्स और वेंचर कैपिटल से आएंगे। इसके अलावा वित्त मंत्री ने कहा था कि एमएसएमई को आकार और क्षमता में विस्तार करने में सक्षम बनाने के लिए इस फंड को मदर फंड और कुछ डॉटर फंड्स के माध्यम से चलाया जाएगा। इन्हें स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

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एमएसएमई के बकाया में तेजी
शर्मा, जिन्होंने लगभग चार महीने पहले एमएसएमई मंत्रालय का कार्यभार संभाला है, ने कहा कि वह केंद्रीय सरकारी कंपनियों और राज्य सरकारों से एमएसएमई का बकाया चुकाने के लिए कह रहे हैं। उनके अनुसार सरकार आक्रामक रूप से अधिकांश एमएसएमई की लिस्टिंग कराना चाहती है, जिससे एमएसएमई की ग्रोथ के लिए कई नए दरवाजे खुलेंगे। शर्मा ने कहा कि 1 जुलाई को एमएसएमई के पंजीकरण के लिए नया पोर्टल लॉन्च किया गया था, जिस पर 3 लाख से अधिक एमएसएमई ने खुद को पोर्टल पर रजिस्टर किया है। ये प्रोसेस पूरी तरह कागज रहित रहा। एमएसएमई के लिए 3 लाख करोड़ रु की इमरजेंसी लोन स्कीम में से 1.5 लाख करोड़ रु की राशि पास की जा चुकी है।

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