नयी दिल्ली। एमएसएमई (सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम) के लिए शुरू की गई इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) का विस्तार किया गया है। अब इस स्कीम के तहत व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए बड़ी एमएसएमई फर्म्स और प्रोफेशनल्स को भी लोन मिल सकता है। वित्त मंत्रालय के नए कदम से वे कंपनियां जिनका वार्षिक टर्नओवर 250 करोड़ रु तक है ईसीएलजीएस के तहत लोन ले सकती हैं। अभी तक 100 करोड़ रु के टर्नओवर वाली कंपनियों को लोन की इजाजत थी। सरकार ने एमएसएमई की नई परिभाषा के लिहाज से ही ईसीएलजीएस के तहत लोन दिए जाने का विस्तार किया है।

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अब मिल सकता है ज्यादा लोन
इस योजना के तहत मिलने वाले लोन की अधिकतम राशि को भी 5 करोड़ रुपये से बढ़ा कर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार वर्किंग कैपिटल उद्देश्यों और बड़ी एमएसएमई के लिए योजना के विस्तार से 3 लाख करोड़ रुपये की सीमा के अंदर ही 1 लाख करोड़ रुपये का लोन अधिक लिया जाएगा। 29 जुलाई तक इस योजना के तहत 1.4 लाख करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए गए, जबकि 87,227 करोड़ रुपये के लोन आवंटित किए गए।

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क्या है ईसीएलजीएस
ईसीएलजीएस की घोषणा सरकार ने मई में अपने कोरोना राहत पैकेज के तहत की थी। इस योजना के तहत नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (एनसीटीजीसी) बैंकों, एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों) को गंभीर रूप से प्रभावित एमएसएमई के लिए 3 लाख करोड़ रु तक के लोन पर 100 फीसदी गारंटी देगी। एनसीटीजीसी द्वारा बैंकों और एनबीएफसी को 100% गारंटी प्रदान की जाती है ताकि वे व्यवसायों और एमएसएमई को अपनी अतिरिक्त लोन / कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लोन दे सकें।

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कब तक मिलेगा लोन
ईसीएलजीएस के तहत एमएसएमई फर्म्स 31 अक्टूबर तक या 3 लाख करोड़ रु की राशि पूरी होने तक लोन ले सकती हैं। यह योजना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मई में घोषित आत्मनिर्भर भारत अभियान राहत पैकेज का सबसे बड़ा राजकोषीय घटक है।