नयी दिल्ली। सरकार ने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) फर्म्स के पंजीकरण के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल उद्यम रजिस्ट्रेशन लॉन्च किया था। इस पोर्टल को छोटे व्यवसायों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए शुरू किया गया था। बता दें कि अब तक इस पोर्टल पर रजिस्टर्ड हुई एमएसएमई की संख्या करीब 4 लाख पहुंच गई है। इसमें सरकार द्वारा एमएसएमई की बदली गई परिभाषा का भी काफी योगदान है। एमएसएमई मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि इस पोर्टल की शुरुआत 1 जुलाई को हुई थी और 1 सितंबर तक यहां करीब 4 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। नए उद्यमी जो अपनी इकाइयों को एमएसएमई के रूप में रजिस्टर करना चाहते हैं उनके अलावा जो व्यवसाय उद्यमी मेमोरंडम (ईएम) भाग II या उद्योग आधार मेमोरेंडम (यूएएम) के तहत रजिस्टर्ड हैं वे भी दोबारा रजिस्ट्रेशन के जरिए उद्यम पोर्टल पर जा सकते हैं।

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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस
सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के प्रयास में स्व-घोषणा (self-declaration) के आधार पर एमएसएमई को पेपरलेस और फ्री रजिस्ट्रेशन के लिए इस पोर्टल को पेश किया था। सरकार ने उदयम को सरकारी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस जीईएम के साथ भी इंटीग्रेट किया है। साथ ही इसे ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम से भी जोड़ा गया है ताकि इनवॉयस फाइनेंसिंग की सुविधा आसानी से मिल सके।

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आरबीआई ने दिया स्पष्टीकरण
महत्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में ईएम पार्ट II और यूएएम के तहत मौजूदा इकाइयों के पंजीकरण के बारे में एमएसएमई के संदेह को स्पष्ट करते हुए एक सर्कुलर जारी किया था। आरबीआई ने कहा था कि मौजूदा ईएम भाग II और / या 30 जून 2020 से पहले हासिल किए गए 31 मार्च 2021 तक वैलिड रहेंगे। एमएसएमई ने जवाब मांगा थी कि क्या उनके मौजूदा रजिस्ट्रेशन वैलिड रहेंगे या नहीं।

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