नयी दिल्ली। अमेरिकी दिग्गज कंपनी डेल टेक्नोलॉजीज ने छोटे और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) और स्टार्ट-अप्स की मदद करने के लिए नैसकॉम (राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर व सेवा कंपनी संघ) के साथ हाथ मिलाया है। ये मदद प्रतियोगी कीमतों प्रोडक्ट और सर्विसेज देकर की जाएगी। नैसकॉम के साथ डेल की साझेदारी का प्रभाव 2400 से अधिक एमएसएमई और 9000 से अधिक स्टार्टअप्स पर पड़ेगा, जो नैसकॉम के 10,000 स्टार्ट-अप नेटवर्क का हिस्सा हैं। डेल की तरफ से दी जानकारी के मुताबिक उन्हें डेल के क्लाइंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर समाधान पर विशेष ऑफ़र और रेट ऑफर किए जाएंगे।

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क्या है पार्टनरशिप का मकसद
इस साझेदारी का उद्देश्य मौजूदा चुनौतीपूर्ण समय के दौरान छोटे व्यवसायों के लिए सहज ऑपरेशन और बुना रुकावट सुनिश्चित करना है। साथ ही इस साझेदारी के जरिए महत्वपूर्ण उत्पादों और सेवाओं को एक साथ लाकर एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करके इन सेक्टरों को सपोर्ट दिया जाएगा। डेल टेक्नोलॉजीज इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आलोक ओरी के मुताबिक नैसकॉम के साथ इस पार्टनरशिप के जरिए हम एक ऐसे ईकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में एक और कदम बढ़ा रहे हैं, जिसका उद्देश्य संगठनों को अधिक प्रतिस्पर्धी और बेहतर तरीके से ऑपरेशनल बनाना है।

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डेल के इन्फ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशन से मिलेगी मदद
डेल के इन्फ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशन से एमएसएमई और स्टार्ट-अप्स को अपने आईटी पर अधिक नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी, और बेहतर सुरक्षा उपायों के साथ अपने व्यापार और ग्राहक डेटा की रक्षा करने में मदद मिलेगी। नेसकॉम एसएमई और स्टार्टअप्स के लिए चुनौतिपूर्ण समय के दौरान अनुकूल माहौल तैयार करने और उनकी मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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एमएसएमई के लिए आगे आया सीआई
कंसोर्टियम ऑफ इंडियन असोसिएशन (सीआईए), देश भर में 30 से अधिक एसोसिएशंस का एक प्लेटफॉर्म, ने 'सेव एमएसएमई' अभियान शुरू किया है। बता दें कि केंद्र सरकार ने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) के लिए 'डिस्ट्रेस्ड एसेट्स फंड्स-सबोर्डिनेट डेब्ट' स्कीम लॉन्च की थी। यह सबोर्डिनेट लोन के लिए क्रेडिट गारंटी योजना है, जिससे 2 लाख एमएसएमई को राहत मिलेगी।

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