उत्तर प्रदेश सरकार ने सेमीकंडक्टर नीति को मंजूरी दे दी है। प्रदेश सरकार ने गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक के दौरान यह अहम फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश सेमी कंडक्टर नीति 2024 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर पर नीति बनाने वाला उत्तर प्रदेश देश का चौथा राज्य बन गया है। इससे पहले ओडिशा, गुजरात, तमिलनाडु सेमी कंडक्टर को लेकर नीति ला चुके हैं। उत्तर प्रदेश की सेमी कंडक्टर नीति में अन्य राज्यों से हटकर अतिरिक्त प्रस्तावों को जोड़ा गया है।

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सेमीकंडक्टर नीति क्यों इतनी अहम है इसे इस बात से समझा जा सकता है कि यह प्रति वर्ष 12 फीसदी की दर से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2022 की बात करें तो सेमी कंडक्टर का वैश्विक बाजार 573 अरब डॉलर का था। अनुमान है कि 2029 तक यह 1380 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। सिर्फ भारत में अगले वर्ष तक सेमीकंडक्टर की डिमांड 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। यही वजह है कि दुनियाभर में सेमीकंडक्टर की मांग लगातार बढ़ रही है।

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सेमी कंडक्टर की भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए योगी सरकार ने इस सेक्टर को लेकर इतनी सौगातें दे रही है। इस सेक्टर में ईकाई स्थापित करने वालों को 200 एकड़ जमीन, 75 फीसदी तक लैंड सब्सिडी दी जाएगी। वहीं अतिरिक्त जमीन खरीदने पर भी 30 फीसदी तक की छूट दी जाएगी। वहीं 200 करोड़ रुपए तक निवेश करने वाली कंपनियों को 5 फीसदी प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। जमीन की खरीद पर पट्टे पर स्टांप एवं निबंधन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा 10 वर्षों तक विद्युत शुल्क पर 100 फीसदी छूट दी जाएगी