उत्तर प्रदेश की योगी आदित्याथ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए कई अहम कदम उठा रही है। सरकार की ओर से गिरते जल स्तर को बचाने और जल संरक्षण के लिए नई पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत गांवों में खेतों के भीतर पोखरे बनाने की सरकार शुरूआत करने जा रही है।

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सरकार इस योजना के तहत एक तरफ जहां गांवों में किसानों को मनरेगा के तहत रोजगार देगी तो दूसरी तरफ खेतों के बीच में बनने वाले पोखरों का लाभ भी सीधा किसानों को मिलेगा। यानि गांव में रोजगार के साथ सिंचाई का भी लाभ सरकार की इस योजना से लोगों को मिलेगा।

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इस अनूठी पहल की शुरुआत बलिया में की गई है। यहां जल स्तर को बचाने और जल संरक्षण के लिए इस पहल को शुरू किया गया है। इस योजना के तहत किसानों के खेत में व्यक्तिगत तालाब बनाया जाएगा और इसमे पानी संरक्षित किया जाएगा।

अहम बात है कि इस तालाब की खुदाई का खर्च किसानों को नहीं उठाना है। बल्कि गांव के ही मजदूर इस तालाब की खुदाई करेंगे और उन्हें मनरेगा के तहत मजदूरी दी जाएगी।

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रिपोर्ट की मानें तो एक तालाब की खुदाई में तकरीबन 90 हजार रुपए का खर्च आएगा। इस कार्य की देखरेख के लिए ब्लॉक और जनपद स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। जिसके बाद इस तालाब के पानी का इस्तेमाल खेती-किसानी में हो सकेगा।

किसानों के खेत में बनने वाला तालाब 20 फीट लंबा, 10 फीट चौड़ा, डेढ़ मीटर गहरा होगा। यहां खुदाई होने के बाद पानी भरने का अभियान शुरू किया जाएगा। किसान इस तालाब में मछली पालन और सिंघाड़ा भी उगा सकेंगे।

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बलिया के डीसी मनरेगा डीएन पांडे का कहना है कि व्यक्तिगत तालाब योजना के तहत किसानों के खेत में तालाब बनने से खेती के काम में काफी सहूलियत होगी। तालाब खोदने के लिए मानकों को निर्धारित किया गया है। इसके अनुरूप ही खुदाई कराई जाएगी।