उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में चल रहे सभी प्राइवेट शेल्टर होम के निरीक्षण का आदेश दिया है। ये शेल्टर होम अनाथ, विधवा, महिलाओं, लड़कियों और दिव्यांगों के लिए चलाए जा रहे हैं। प्रदेश के सभी 75 जिलों में चल रहे इन शेल्टर होम के निरीक्षण का सरकार ने आदेश दिया है। इन सभी शेल्टर होम को एनजीओ संगठन संभाल रहे हैं।

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महिला कल्याण के डायरेक्टर संदीप कुमार ने सभी जिले के डीएम को निर्देश दिया है कि वह शेल्टर होम का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि यह तय नियमों के अनुसार चल रहे हैं। निरीक्षण के दौरान इन शेल्टर होम का प्रबंधन दे रही गैर सरकारी संगठनों के नाम, उनके पते, पंजीकरण की तारीख, वैद्यता, उपस्थिति रजिस्टर, आदि की जांच करना अनिवार्य है।

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इसके साथ ही इन जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं इसे खुद जाकर सुनिश्चित करें। दरअसल हाल ही में आगरा में एक मामला सामने आया था, जहां का एक वीडियो सामने आया था, जिसमे देखा जा सकता था कि सरकारी शेल्टर हाउस की महिला सुप्रिटेंडेंट बाल गृह में बच्चों के साथ मारपीट कर रही थी। यह घटना सितंबर 2023 की है। जून 2023 में सहारनपुर में स्टाफ के सदस्यों पर नाबालिगों के साथ यौन शोषण सहित कई संगीन आरोप लगे थे।

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20 जून को राजसी डेवलपमेंट एंड रिसर्च संस्थान के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी। यह एनजीओ पिछले 15 साल से बाल गृह को संभाल रही है। यहां के मैनेजर, हाउसकीपिंग के सदस्यों, रसोइए के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। प्रदेश में 33 जिलों में चल रहे 129 शेल्टर हाउस का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है, जिसमे से 17 लखनऊ, 16 वाराणसी, 10 मथुरा, 10 प्रयागराज और गाजियाबाद, बिजनौर, मेरठ, सहारनपुर में 6-6, बरेली में पाच, प्रतापगढ़ और गोरखपुर में 3-3 शेल्टर होम हैं। इन सभी का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।