UP News: उत्तर प्रदेश में बीजेपी नेतृ्त्व वाली योगी आदित्यानाथ सरकार का विधानसभा में लिफ्ट एंड एस्केलेटर बिल पास हो गया है। इस एक्ट में लिफ्ट व एस्केलेटर का रजिस्ट्रेशन, मेंटेनेंस, हादसे के दौरान तुरंत सूचना देने, हादसे में पीड़ित व्यक्ति को क्षतिपूर्ति देने जैसे कई अहम प्रावधान किए गए हैं।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के मुताबिक कारखाना अधिनियम 1948 के अंतर्गत औद्योगिक एरिया या परिसर में लगी लिफ्ट या एस्केलेटर पर इस अधिनियम की शर्तें लागू नहीं होगी। इसके अलावा यूपी के निजी और सार्वजनिक सभी भवनों और परिसरों पर लगी लिफ्ट एवं एस्केलेटर अधिनियम की शर्तें प्रभावी होंगी।
दरअसल, यूपी सरकार ने नोएडा में हुई एक घटना के बाद इस एक्ट को लागू करने के प्रयास तेज कर दिए थे। उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी सूचना में कहा है कि निजी-सार्वजनिक लिफ्ट का प्रयोग करने वालों के लिए व्यवस्था बनाई गई है। जिसके तहत यूपी सरकार की ओर लाया गया लिफ्ट एंड एस्केलेटर बिल पास हो गया है।
इस बिल को विधान सभा में प्रस्तुत करते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि यूपी में ये अपने आप में नया अधिनियम है। इससे पहले लिफ्ट एंड एस्केलेटर के उपयोग, सावधानियां, निगरानी, रजिस्ट्रेशन व रेगुलेट करने संबंधी कोई अधिनियम नहीं बनाया गया था। मंत्री ने बताया जबकि देश के कई राज्यों जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश इस तरह के प्रावधान हैं। ऐसे में यूपी में भी इसकी आवश्यकता थी।
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