उत्तर प्रदेश में 100 पिछड़े नगरों को विकसित करने के लिए योगी सरकार ने खास योजना बनाई है। इन नगरों के विकास को रफ्तार देने के लिए सरकार ने आकांक्षी नगर योजना की शुरुआत की है। इसके तहत पिछड़े नगरों में मौजूद स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि 100 आकांक्षी नगरीय निकायों में मौजूद 913 स्कूलों को अपग्रेड किया जाए। यहां 25 नए विद्यालय भी शुरू किए जाएंगे। इन निकायों में मौजूद किराएं व अन्य सरकारी भवनों में संचालित किए जा रहे 348 आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए भी नए भवन के निर्माण का कार्य किया जाएगा। योगी सरकार इसके लिए 143 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने जा रही है।

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इन नगरीय निकायों में 398 स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था की जाएगी। हर स्कूल में 9.27 लाख रुपए व्यय किए जाएंगे। इसके लिए कुल 36.89 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। वहीं 913 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था के लिए हर स्कूल में 2.5 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।

सरकार की ओर से इसके लिए कुल 22.87 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। स्मार्ट क्लास के फर्नीचर के लिए 6.56 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 25 नए सीएम अभ्युदय कंपोजिट स्कूलों को भी शुरू किया जाएघा। इसके लिए सरकार की ओर से हर स्कूल के लिए 1.42 करोड़ रुपए खर्च होंगे, यानि सभी स्कूलों के लिए 35.5 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। स्कूलों के अपग्रेडेशन और नए स्कूलों को खोलने के लिए सरकार ने 101.83 करोड़ रुपए खर्च करने का फैसला लिया है।

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आंगनवाड़ी केंद्रों को लेकर भी सरकार की ओर से कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रदेश में 100 पिछड़े गरीय निकाय में 348 आंगनवाड़ी केंद्र जो सरकारी और किराए के भवन में चल रहे हैं उन्हें नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। प्रदेश में 59 केंद्र किराए के भवन में चल रहे हैं। जबकि 289 केंद्र अन्य भवनों में संचालित हो रहे हैं। योगी सरकार हर आंगनवाड़ी केंद्र पर लगभग 12 लाख और कुल 41.20 करोड़ रुपए खर्च करेगी।