Uniform Civil Code: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जल्द ही राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने हरिद्वार में जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी के आचार्य पद पर 25 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित दिव्य आध्यात्मिक सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान सीएम धामी ने यूसीसी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ये निर्णय भी अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण या जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने जितना ही महत्वपूर्ण है।

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हरिद्वार में जूना पीठ पहुंचे सीएम धामी ने कहा कि देश में विकास के लिए आवश्यक है कि सभी के लिए कानून एक समान काम करे। इसमें किसी के लिए कोई भेदभाव ना हो। कार्यक्रम में मंच से सीएम ने कहा, "समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए हमने जो विशेषज्ञ समिति गठित की थी, उसने अपना काम पूरा कर लिया है। नए साल में हमें जल्द ही उसका मसौदा मिल जाएगा और हम उसे लागू करने की दिशा में बढ़ेंगे।"

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समान नागरिक संहिता विधेयक को देश में कॉमन सिविल कोड की कल्पना को साकार करने की नींव के पत्थर माना जा रहा है। इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ते हुए उत्तराखंड सरकार निर्णय लिया। राज्य में 27 मई, 2022 को समान नागरिक संहिता की संभावनाएं तलाश करने और इससे जुड़े कानूनों की जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाई थी। अब सीएम धामी ने कहा है कि ये कमेटी जल्द ही सरकार को रिपोर्ट सौंप देगी।

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ऐसे में देवभूमि की विधान सभा इस कानून के मसौदे पर शीघ्र चर्चा भी कर सकती है। हालांकि कानून की राय में राज्य को इस तरह का संवैधानिक अधिकार नहीं है। लेकिन विधान सभा अपने दायरे में रहकर कितना कर सकती है, वो उत्तराखंड सरकार करना चाहेगी।