तेलंगाना सरकार ने दिल्ली में दक्षिण भारत के राज्य की संस्कृति को प्रदर्शित करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना की सांस्कृतिक को राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक नए भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसमें राज्य की परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा।

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तेलंगाना के सीएम ए रेवंत रेड्डी इस हफ्ते सीएम आवास पर एक समीक्षा बैठक की। जिसमें उन्होंने कहा कि तेलंगाना की संस्कृति से सभी को जोड़ने के लिए राज्य की परंपराओं को एक राष्ट्रीय मंच देने की आवश्यता है। इस बैठक में सीएम ने दिल्ली में तेलंगाना भवन के रेजिडेंट कमिश्नर गौरव उप्पल और ओएसडी संजय जाजू मौजूद रहे। मीटिंग में सीएम ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच दिल्ली में आंध्र प्रदेश भवन के बीच संपत्तियों के बंटवारे का भी जिक्र किया।

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मीटिंग के दौरान अधिकारियों ने सीएम को बताया कि आंध्र प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार तेलंगाना को 8.245 एकड़ जमीन मिलनी चाहिए। जबकि आंध्र प्रदेश का हिस्से में 11.536 एकड़ जमीन जानि चाहिए। आंध्र प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच संपत्ति को 41.68:58.32 के अनुपात में विभाजित करता है।

आंध्र प्रदेश भवन की अविभाजित भूमि 19.78 एकड़ है, जबकि इमारत 8.781 एकड़ भूमि पर स्थित थी। जिसमें सबरी ब्लॉक, आंतरिक सड़कें और गोदावरी ब्लॉक शामिल थे। वहीं ओल्ड नर्सिंग हॉस्टल 3.359 एकड़ में बनाया गया था और पटौदी हाउस 7.641 एकड़ जमीन में बनाया गया था।

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सीएम रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों के साथ तेलंगाना भवन के नक्शे की जांच की और अधिकारियों को दोनों राज्यों के बीच संपत्ति के बंटवारे पर ध्यान केंद्रित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा की राज्य के बीच संपत्तियों का पारदर्शी तरीके बंटवारा आवश्यक है।