पंजाब सरकार ने अब भ्रष्टाचार नकेल कसने के लिए अहम कदम उठाया है। जिसके जरिए रेवेन्यू लीकेज का पता लगाकर इसमें संलिप्त कर्मचारियों पर सख्त कदम उठाया जाएगा। सरकार के नए प्लान के तहत जमीन-जायदाद, तरमीमा, पॉवर ऑफ अटार्नी की फीसों में हेरफेर को रोजा जा सकेगा। सरकार के इस स्कीम के जरिए राजस्व के नुकसान को भी बचाया जा सकेगा।

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पंजाब सरकार लैंड रिकॉर्ड्स सोसायटी ऑडिट करवाने जा रही है। जमीन की रजस्ट्री के दौरान स्टाम्प ड्यूटी चोरी भी रोकी जा सकेगी। ऑडिट करने पर जो रेवेन्यू का जो नुकसान हुआ उसके बारे में पता चलेगा। कई बार लोग अपनी जमीन कम बता देते हैं, या जमीन का महत्व होने के बाद कई बार टैक्स नहीं दिया जाता। ऐसे मामलों में रेवेन्यू की लीकेज पर लगाम लग सकेगी।

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एजेंसी के जरिए होगा ऑडिट
पंजाब सरकार ने उक्त रेवेन्यू की लीकेज बारे पता लगाने वाली लैंड रिकॉर्ड्स सोसायटी ऑडिट करने वाली फर्म की फीस तय कर दी है। ऑडिट का काम एजैंसी को सौंपा गया। ऑडिट का उद्देश्य रेवेन्यू की लीकेज का पता लगाना है।

पंजाब सरकार ने इसको लेकर एक लेटर भी जारी किया है। जिसके तहत एजेंसी 2023-24 व 2025-26 तक का ऑडिट करेगी। स्कीम के तहत 1 से 5 करोड़ रुपए तक की रकम का ऑडिट करने पर 25 हजार, 5 से 10 करोड़ रुपए की रकम का ऑडिट करने पर 30 हजार और 10 करोड़ से अधिक रकम इकट्ठी करने पर 40 हजार रुपए मिलेंगे।