PM Awas Yojana Guidelines: पीएम आवास योजना की सफलता के बाद सरकार ने कुछ महीने पहले PMAY 2.0 लॉन्च किया था. इस योजना का उद्देश्य गरीब लोगों को घर देना है. पीएमएवाई (PMAY) के तहत सरकार लाभार्थियों को होम लोन पर 2.67 लाख रुपये की सब्सिडी दे रही है. अगर आप भी पीएम आवास योजना की मदद से घर बना रहें हैं. तो कुछ बातों का खास तौर पर ध्यान रखें, नहीं तो सरकार आपसे अब तक दिए गए सारे पैसे वापस ले लेगी.

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पीएम आवास योजना की मदद से अब कमजोर वर्ग या गरीब लोगों के लिए भी घर खरीदना किफायती हो गया है. इस योजना के तहत अगर आपने घर बनाने के लिए होम लोन लिया है, तो आप कुल ब्याज पर 2.67 लाख रुपये तक सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं. ये ध्यान रखें कि आपके होम लोन की अवधि 20 साल से अधिक ना हो.

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आज हम कुछ ऐसी बातें बताने वाले हैं, जिसका आपको खास तौर पर ध्यान रखना होगा.

किन गलतियों से बचना चाहिए?

पहला अगर लोन चुकाने में डिफॉल्ट हो जाता है और लोन एनपीए बन जाता है. तो ऐसे सब्सिडी वापस ली जा सकती है.

इसके अलावा अगर आपका घर का निर्माण कार्य किसी वजह से थम जाता है. लेकिन आपको सरकार की तरफ से सब्सिडी दी जा चुकी है. तो ऐसे में आपको सब्सिडी के तहत मिलने वाले पैसे नोडल एजेंसी का वापस करने पड़ेंगे.

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इसके साथ ही अगर बैंक ने होम लोन के लिए पहली किश्त जारी कर दी है और उसके 36 महीने बाद भी इसका इस्तेमाल नहीं किया जाता है या फिर बनाए घर का इस्तेमाल नहीं होता है, तो ऐसी स्थिति में बैंक को सब्सिडी नोडल एजेंसी को वापस करनी पड़ेगी.

पीएम आवास योजना में कितनी नोडल एजेंसी है शामिल?

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन क्रेंद्रीय नोडल एजेंसी शामिल हैं. ये एजेंसी बैंकों को सब्सिडी अमाउंट भेजती है. इनमें राष्ट्रीय आवास बैंक (NHB), हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HUDCO) और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शामिल हैं.

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पीएम आवास योजना कैसे करती है काम?

PMAY 1.0 के गाइडलाइन्स से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम आवास योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी सीधा लाभार्थी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है. ये पैसे होम की ईएमआई और ब्याज को कम कर देते हैं, वहीं कुल होम लोन का अमाउंट भी कम हो जाता है