PM Viksit Bharat Rozgar Yojana : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते 15 अगस्त को एतिहासिक लाल किले के प्राचीर से युवाओं के विकास के लिए अब तक के सबसे बड़ी योजना की घोषणा की थी। इसके साथ ही अब इस योजना की शुरुआत हो चुकी है और रजिस्ट्रेशन के लिए सरकार नो पोर्टल भी लॉन्च कर दिया है।

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2014 में पहली बार केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बनी सरकार को पीएम के एक बयान को लेकर काफी ट्रोल किया गया और आज भी कई मौकों पर ट्रोल किया जाता है।

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दरअसल, 2014 के लोकसभा चुनाव को लेकर चल रहे प्रचार अभियान के दौरान एक रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि यदि विदेशों में कालाधन को भारत लाया गया तो यहां के हर गरीब आदमी को 15-20 लाख रुपये मिल सकते हैं।

पीएम के बयान पर अमित शाह की सफाई

केंद्र में सरकार बनने के बाद विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा और हर आदमी के बैंक खाते में 15 लाख रुपये ट्रांसफर करने की मांग की। हालांकि, पीएम मोदी के इस बयान को लेकर 2015 में एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी बात रखी और इस बयान को एक चुनावी जुमला बताया। इसके बाद एक नई बहस छिड़ गई।

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PM Viksit Bharat Rozgar Yojana की शुरुआत

अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर गरीब आदमी को 15 लाख रुपये देने के कथित वादे के 11 साल बाद सरकार ने देश के युवाओं को 15000 रुपये देने की योजना की शुरुआत की है। यानी सरकार ने कथित जुमला से रियलिटी की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है।

सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana-PM-VBRY) की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य देश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और युवाओं को सशक्त बनाना है।

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इस योजना के तहत नए रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिए सरकार द्वारा नव-नियोजित युवाओं को दो किस्तों में 15,000 रुपये तक और नियोक्ताओं को प्रति नए कर्मचारी 3000 रुपये प्रति माह तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

1 लाख करोड़ रुपये का बजट

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना नामक रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी। केंद्र की मोदी सरकार ने इस योजना के लिए 99,446 करोड़ रुपये यानी करीब 1 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा है।

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कितने युवाओं को मिलेगा फायदा

इस योजना का उद्देश्य दो वर्षों की अवधि में देश में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों के सृजन को प्रोत्साहित करना है। यानी सरकार की इस योजना से देश के साढ़े तीन करोड़ युवाओं का फायदा मिलेगा।

किन युवाओं को मिलेगा लाभ?

सरकार ने बताया है कि यह एक रोजगार-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना है, जिसे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इसके तहत पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं और उन्हें नियुक्त करने वाले प्राइवेट सेक्टर के नियोक्ताओं, जैसे MSME, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री - दोनों को सीधा लाभ मिलेगा।

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PM-VBRY का लाभ कब से मिलेगा?

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर विशेष ध्यान देते हुए, सभी क्षेत्रों में रोजगार सृजन, रोजगार क्षमता और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देना है। इस योजना का लाभ 1 अगस्त 2025 और 31 जुलाई, 2027 के बीच सृजित नौकरियों पर लागू होगा। पात्र लाभार्थि युवाओं को पहला किस्त 6 महीने लगातार काम करने के बाद और दूसरा किस्त 12 महीने पूरे होने पर मिलेगा, जिसमें कुछ राशि बचत साधन में जमा होगी। दूसरी किस्त पाने के लिए वित्तीय साक्षरता मॉड्यूल पूरा करना जरूरी।

PM Viksit Bharat Rozgar Yojana : कैसे करें आवेदन?

युवाओं के लिए :- पहली नौकरी मिलने पर UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) जनरेट कर उसे एक्टिव करें, फेस ऑथेंटिकेशन कराएं और EPF अंशदान शुरू करें। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पंजीकरण की सुविधा प्रदान करने वाला प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना पोर्टल लाइव हो गया है।

आधी हकीकत-आधा फसाना!

भारत में युवाओं (15-29 वर्ष) में बेरोजगारी की दर सामान्य आबादी से काफी अधिक है और यह एक गंभीर समस्या बनी हुई है। 2022 में, शहरी युवाओं में बेरोजगारी दर 17.2% थी जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 10.6% थी, और युवा महिलाओं के लिए यह दर 21.6% थी, जो पुरुषों से अधिक थी।

वहीं, जून 2025 में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बेरोज़गारी दर 5.6% पर बनी हुई है। 15-29 वर्ष के युवाओं में बेरोज़गारी दर बढ़कर 15.3% हो गई है। शहरी बेरोज़गारी बढ़कर 18.8% और ग्रामीण क्षेत्रों में 13.8% हो गई है।

ऐसे में सरकार द्वारा युवाओं के लिए शुरु की गई योजना 'आधी हकीकत और आधा फसाना' लगता है, क्योंकि इस योजना में केवल उन युवाओं को शामिल किया गया है जिन्हे पहली बार नौकरी मिलेगी। ऐसे में सवाल उन युवाओं का भी है जो अलग-अलग सेक्टर में स्कील्ड तो हैं लेकिन उन्हें उनके अनुरुप अवसर नहीं मिल पा रहा है।