उत्‍तराखंड के खिलाड़ियों को नौकरी में चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिए जाने को राज्‍य के कार्मिक और वित्‍त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। उत्‍तराखंड सीएम धामी के प्रतिनिधित्‍व में अगली कैबिनेट बैठक में इस आरक्षण को लेकर प्रस्‍ताव रखा जाएगा। इसके बाद इसे राज्‍य में विधेयक के रूप में लाए जाने के लिए उत्‍तराखंड विधानसभा में इसके लिए विधेयक पेश किया जाएगा।

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ये जानकारी उत्‍तराखंड के खेल निदेशक जितेंद्र सोनकर ने दिया। उन्‍होंने बताया उत्‍तराखंड में वर्ष 2006 में खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी में चार प्रतिशत खेल कोटे का शासनादेश जारी हुआ था। इस शासनादेश को यूपी के एक खिलाड़ी ने उच्‍च न्‍यायालय में चुनौती दी थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने चार प्रतिशत खेल कोटे पर वर्ष 2013 में रोक लगाने के साथ ही उक्‍त शासनादेश को रद्द कर दिया था।

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वहीं अब उत्‍तराखंड सरकार खेल कोटे को लेकर एक्‍ट बनाने जा रही है। खेल निदेशक ने बताया 'प्रदेश की भाजपा सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में पदक लाने वाले खिलाड़ियों को सीधे नौकरी की व्यवस्था कर चुकी है। शासनादेश के बाद इसके लिए आवेदन मांगे जा चुके हैं। उन्हें विभिन्न छह विभागों में 2000 से लेकर 5400 ग्रेड वेतन तक की नौकरी मिलेगी।"

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निदेशक ने बताया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को जहां विभिन्न छह सरकारी विभागों में सीधे नौकरी मिलेगी। वहीं 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का एक्ट बनने के बाद राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सभी विभागों में नौकरी के लिए इसका लाभ मिल सकेगा।

जानें क्‍या है क्षैतिज आरक्षण?

गौरतलब है कि क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) के तहत ऊर्ध्वाधर श्रेणियों (vertical ranges) से एक विशेष वर्ग जैसे- महिलाओं, बुजुर्गों, ट्रांसजेंडर समुदाय और विकलांग व्यक्तियों आदि को निकालकर आरक्षण दिया जाता है। अनुच्छेद 15 (3) क्षैतिज आरक्षण की परिकल्पना करता है।