उत्तर प्रदेश के 17 लाख किसानों को बड़ा फायदा होने जा रहा है। दरअसल वायु प्रदूषण को बढ़ाने में एक बड़ी भूमिका पराली को जलाने की वजह है। ऐसे में प्रदेश की योगी सरकार पराली की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रदेश सरकार किसानों को बायो डीकंपोजेर उपलब्ध कराने वाली है।

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वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पराली के निस्तारण के लिए बायो डीकंपोजर काफी अहम भूमिका निभाता है। यही वजह है कि प्रदेश सरकार पराली की समस्या को लेकर काफी गंभीर है। लिहाजा प्रदेश सरकार कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट को प्रोत्साहित करने के लिए पराली को बायोकंपोस्ट में बदलने के लिए किसानों को बायो डीकंपोजर उपलब्ध कराने का फैसला लिया है।

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सूत्रों की मानें तो सरकार किसानों को बायो डीकंपोजर उपलब्ध कराने के साथ किसानों के बीत जागरुकता अभियान और अन्य अभियानों को जारी रखेगी। सूत्र की मानें तो सीबीजी प्लांट में पराली से ईंधन को तैयार किया जा रहा है। इसमे कच्चे माल के तौर पर पराली की खरीद की जा रही है। आने वाले समय में प्रदेश में सीबीजी प्लांट की संख्या को बढ़ाकर 100 किया जाएगा। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इस महीने इसकी घोषणा की थी।

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बता दें कि धान और गेहूं जैसी फसलों की कटाई के बाद अगली फसल की तैयारी की जाती है, इस दौरान पराली यानि फसलों के अवशेष को जलाने की प्रक्रिया काफी आम है। जिसकी वजह से हवा में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। जिसकी वजह से समस्या काफी गंभीर हो जाती है। प्रदेश सरकार ने जैव ऊर्जा नीति 2022 का ड्राफ्ट तैयार किया है जिसमे कृषि अपशिष्ट आधारित बायो सीएनजी, सीबीजी इकाइयों को प्रोत्साहित करने का प्रावधान किया गया है।