MP News: मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार ने इस बार बजट निर्माण में जन-भागीदारी का फैसला लिया है। मतलब, इस बार मध्य प्रदेश के लिए जो बजट बनेगा, उसमें प्रदेश की जनता की राय को प्राथमिकता दी जाएगी।

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एमपी के लोग कुछ क्षेत्रों में प्रदेश के कल्याण के लिए किस तरह का बजट चाहते हैं, अपने सुझाव सरकार को भेज सकते हैं। लोकसभा चुनाव समाप्त होने के बाद मोहन यादव सरकार बजट निर्माण की प्रक्रिया में जुट गई है।

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मध्य प्रदेश के बजट निर्माण में जन-भागीदारी
इस बार बजट में मध्य प्रदेश की आम जनता की भागीदारी होने की वजह से इसकी अहमियत बढ़ गई है। राज्य सरकार का दृष्टिकोण साफ है कि जनता की इच्छा के अनुरूप बजट तैयार करने से वह बेहतरीन और अधिक प्रभावी होगा। मोहन यादव सरकार इसके लिए सीधे जनता से अपने सुझाव भेजने को कह रही है।

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जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना है मकसद
एमपी के बीजेपी एमएलए अनिल जैन के मुताबिक राज्य के बजट को बेहतर और जन आकांक्षाओं के अनुरूप रखने के लिए जनता की ओर से चुनी गई सरकार ने लोगों की ही राय मांगी है। जैन का कहना है कि बजट विकास के लिए होता है, इसलिए इसमें जन-भागीदारी भी जरूरी है और मध्य प्रदेश सरकार ने इस आवश्यकता को ध्यान में रखकर ही लोगों के विचारों को शामिल करने का फैसला किया है।

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कुछ चुनिंदा सेक्टर में जनता सरकार को भेज सकती है सुझाव
मध्य प्रदेश की जनता राज्य के बजट में शासन से क्या चाहती है, वह सीधे सरकार तक अपना विचार पहुंचा सकती है। इसके लिए कुछ सेक्टर तय किए गए हैं, जिसमें आम लोगों से उनकी राय मांगी गई है।

मसलन, मध्य प्रदेश के लोग महिला और बाल विकास, सड़क, कृषि, शिक्षा, समाज कल्याण, स्वास्थ्य से लेकर उद्योग, प्रशासनिक सुधार और रोजगार के क्षेत्र की बेहतरी के लिए अपने सुझाव सीधे मोहन यादव सरकार तक पहुंचा सकते हैं। इसके लिए जनता फोन, डाक या फिर ई-मेल का इस्तेमाल कर सकती है।

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सच्चे लोकतंत्र की भावना के अनुरूप पहल
मोहन यादव सरकार ने एक सच्चे लोकतंत्र की भावना के अनुरूप इस बार जो कदम उठाया है, उससे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और प्रतिबद्धता बढ़ाने में बड़ी मदद मिल सकती है। अगर आम लोग प्रदेश के विकास की इस सबसे अहम कड़ी में साझीदार बनेंगे तो सरकार का काम भी आसान होगा और वह जो भी निर्णय लेगी, उसे जन सहयोग से बेहतरीन तरीके से अमल में भी लाया जा सकेगा।

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जाहिर है कि अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इससे सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, अन्य राज्यों का भी हौसला बढ़ेगा और इससे आखिरकार भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती और बढ़ेगी।