Haryana News: प्रदूषण नियंत्रण के लिए हरियाणा सरकार बहुत बड़ी दूरदर्शी योजना के साथ तैयार है। वायु प्रदूषण पूरी दुनिया में बहुत ही गंभीर शख्ल अख्तियार कर चुका है और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इससे निपटने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।
आने वाले समय में हरियाणा सरकार वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू करने जा रही है। 'हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना' के लिए विश्व बैंक मदद करने जा रहा है, जिसे प्रदेश में विभिन्न चरणों में शुरू किया जाएगा।
वायु प्रदूषण के खिलाफ हरियाणा सरकार का महाभियान
सैनी सरकार ने तय किया है कि 'हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना' को पहले एनसीआर वाले जिलों, जैसे कि गुरुग्राम और फरीदाबाद से लागू किया जाए और धीरे-धीरे सफलता के साथ इसका पूरे राज्य में विस्तार किया जाए।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बहुत बड़ी पहल
वायु प्रदूषण एक वैश्विक समस्या है, जिससे निपटना पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है। ऐसे में नायब सिंह सैनी सरकार जो पहल कर रही है, उससे उसकी पर्यावरण संरक्षण और जनहित की चिंता की झलक मिलती है।
10 वर्षों की सोच के साथ आगे बढ़ रही है हरियाणा सरकार
हरियाणा सरकार यह योजना अगले 10 वर्षों की सोच के साथ लागू कर रही है और इसमें वह सबको साथ लेकर चलने की कोशिशों में जुट गई है। राज्य सरकार इसके लिए एक नई प्रयोगशाला भी तैयार करेगी और प्रदेश में जो प्रयोगशालाएं मौजूद हैं, उनको भी बेहतर और अत्याधुनिक बनाया जाएगा।
इस परियोजना की देखरेख एक खास मैनेजमेंट यूनिट करेगी और जो भी लोग इसके संचालन और अमल में शामिल होंगे, उन्हें नई से नई तकनीक की ट्रेनिंग मुहैया करवाई जाएगी।
वायु प्रदूषण के सभी स्रोतों पर लगाम लगेगी
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए परिवहन, उद्योग, कंस्ट्रक्शन, सड़कों पर जमा होने वाली धूल, बायोमास और घरों से पैदा होने वाले सभी तरह के प्रदूषण स्रोतों को कंट्रोल करने पर फोकस किया जाएगा।
हरियाणा में हरियाली बढ़ाने पर भी रहेगा जोर
इस दौरान राज्य सरकार उद्योगों को स्वच्छ ईंधन अपनाने के लिए भी विभिन्न तरह से प्रोत्साहित करेगी। इसी के तहत जैव विविधता और हरित क्षेत्रों के विकास पर जोर देना भी शामिल रहेगा और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
हरियाणा सरकार ने वायु प्रदूषण रोकने की दिशा में जिस तरह की तैयारी की है, वह आखिरकार इस धरती के हित से जुड़ा है और इसमें सिर्फ मौजूदा पीढ़ी की चिंता नहीं की जा रही है, बल्कि आने वाली अनेकों पीढ़ियों का भी ध्यान रखा जा रहा है।
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