हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने बीते करीब 10 वर्षों में प्रदेश में शासन व्यस्था के संचालन का तरीका बदल दिया है। जिस राज्य में पहले नौकरियां खर्ची और पर्ची पर मिलने के लिए मशहूर थीं, वहां आज योग्यता को सलाम किया जा रहा है।

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यही वजह है कि जब उन दिनों की हालातों की चर्चा भी होती है तो मुख्यमंत्री खट्टर भावुक हो जाते हैं। राज्य में पिछले 10 वर्षों में जो विकास के काम हुए हैं। जनता के लिए जो कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई हैं। समाज के हर वर्ग, सभी तबकों के अंतिम व्यक्ति को सम्मान से जीने की जिस तरह से व्यवस्था की गई है, उससे बदलाव कोई भी देख सकता है।

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योग्य व्यक्तियों को सरकारी नौकरियों तक पहुंचने की मिली गारंटी
इसमें जनहित में जो एक सबसे बड़ा परिवर्तन हुआ है, वह है राज्य में सरकारी नौकरियों तक योग्य व्यक्तियों के ही पहुंचने की गारंटी मिली है।
सरकारी नौकरियों के लिए चुने गए युवाओं से जब ऑनलाइन संवाद का अवसर मिला तो मुख्यमंत्री खट्टर ने राज्य में पहले के हालात का काला चिट्ठा सामने रख दिया।

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उन्होंने कहा, 'आज मैं बहुत ही भावुक और खुश हूं.....जब सरकार में नहीं थे तो सरकारी नौकरियों को लेकर बहुत कुछ सुनते थे। योग्यता होने पर भी लोगों को नौकरी मिलने का भरोसा नहीं था। कहा जाता था कि नौकरियां बेची जाती थीं। लेकिन, हरियाणा के मतदाताओं को धन्यवाद है, जिनकी वजह से मुझे हालात सुधारने का अवसर प्राप्त हुआ।'

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सरकारी नौकरी की प्रक्रिया अब पारदर्शी और निष्पक्ष
यही वजह है कि अभी जब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने राज्य पुलिस के लिए 6,000 कॉन्स्टेबलों की भर्ती निकाली है, उसको लेकर किसी को जरा भी संदेह नहीं है कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहेगी।

जो 6,000 युवा (महिला या पुरुष) इस पद के लिए सबसे उपयुक्त होंगे, उन्हीं की भर्ती होगी। उन्हें न तो किसी सिफारिश की जरूरत पड़ेगी और न ही माता-पिता पर पैसों का जुगाड़ करने के लिए दबाव बनाने की आवश्यकता होगी। अगर योग्यता है तो सरकारी नौकरी में भर्ती निश्चित है।

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हरियाणा में युवाओं के साथ अन्याय हुआ बंद
आज हरियाणा में सरकारी नौकरी के लिए मात्र एक चीज चाहिए, उम्मीदवारों में उस पद के लिए आवश्यक योग्यता होनी चाहिए, जिसके लिए उन्होंने आवेदन किया है। अगर कोई सरकार इस तरह की गारंटी देती है तो फिर किसी को कुछ सोचने की जरूरत नहीं रहती और न ही अन्याय होने का डर सताता है।

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2030 तक प्रत्येक युवा को कुशल और आर्थिक तौर पर समृद्ध बनाने का संकल्प
हर व्यक्ति सभी क्षेत्रों में योग्य हो यह जरूरी नहीं। सरकार का काम सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि जो इंसान जिस क्षेत्र में ज्यादा बेहतर योगदान दे सकता है, उसे वहां भर्ती का मौका मिले।

यही वजह है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साफ किया है कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि साल 2030 तक प्रदेश का प्रत्येक युवा कुशल और आर्थिक तौर पर समृद्ध हो।

संयुक्त राष्ट्र ने साल 2030 तक सतत विकास लक्ष्य हासिल करना तय किया है। हरियाणा सरकार का संकल्प उसी दिशा में है, जिस पर प्रगति जारी है।