ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की मध्य प्रदेश सरकार की योजना रंग ला रही है। राज्य सरकार मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के माध्यम से ग्रामीण पर्यटन को आगे बढ़ाने के लिए कई तरह की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर काम कर रही है और जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है।

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ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली में आयोजित 96वां स्कॉच (SKOCH)समिट में मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड को टूरिज्म कैटेगरी में पुरस्कृत किया गया है।

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एमपी ग्रामीण पर्यटन को सम्मान
मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार राज्य में पर्यटन की विरासत को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासों में जुटी हुई है, इसी का परिणाम है कि इसे इतने बड़े स्तर पर स्वीकार्यता मिल रही है। यह सम्मान एमपी टूरिज्म बोर्ड के साथ-साथ इस दिशा में कार्य कर रहे सभी संगठनों के लिए गौरव की बात है।

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ग्रामीण पर्यटन योजना के तहत 100 गांवों का होना है विकास
स्वाभाविक है कि इस तरह के सम्मान मिलने का मतलब है कि मध्य प्रदेश का पर्यटन विभाग आगे और ऊर्जा और उत्साह के साथ ग्रामीण पर्यटन परियोजनाओं पर काम करने के लिए प्रेरित होगा।

मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने राज्य के 6 सांस्कृतिक क्षेत्रों में 100 गांवों को ग्रामीण पर्यटन योजना के तहत विकसित करने के लिए चुना है। 30 गांवों में इस योजना के तहत काम पहले ही शुरू हो चुका है।

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एमपी के गांवों की बदल रही है फिजा
एमपी सरकार के अधिकारियों के मुताबिक गांवों में पर्यटकों की बढ़ती तादाद और खासकर विदेशी मेहमानों को देखना बहुत ही सुखद अहसास कराता है।

मोहन यादव सरकार के साथ ही राज्य की जनता के लिए भी यह खुश होने का अवसर है कि विदेशी और घरेलू पर्यटकों की प्रदेश की ग्रामीण और सांस्कृतिक विरासत को देखने की ललक बढ़ रही है।

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राजस्व पैदा करने का मिला बड़ा अवसर
मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने यह परियोजना 2019 में शुरू की थी। तब से इसने काफी लंबा सफर तय किया है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए राजस्व पैदा करने के एक बड़े अवसर के रूप में सामने आया है।

ग्रामीण पर्यटन को आम लोगों का मिल रहा भरपूर समर्थन
केंद्र सरकार से प्रोत्साहन मिलने की वजह से कई राज्यों ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिशें शुरू की हैं। मध्य प्रदेश के लिए खास बात ये है कि इस योजना को आम लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है।

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इसकी वजह ये है कि ग्रामीण पर्यटन योजना के कारण रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। जमीनी स्तर पर इस योजना में गैर-सरकारी संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है।