हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के ड्रीम प्रोजेक्ट से अब देश के 140 करोड़ लोग सीधे रूबरू होने वाले हैं। यह प्रोजेक्ट है, हरियाणा सरकार की परिवार पहचान पत्र (PPP) योजना।
जब किसी सरकार का ध्यान सिर्फ जनहित पर होता है, तब वह ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता देती है, जिससे न सिर्फ जनता की भलाई हो, उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, बल्कि सरकारी काम में पूरी पारदर्शिता भी बन रहे।
हरियाणा की पीपीपी योजना के बारे में जानेंगे 140 करोड़ लोग
हरियाण की परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) योजना इसी का उदाहरण है, जो अब देश के अन्य राज्यों के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के लिए भी नजीर बनकर उभरा है। यही वजह है कि इस साल 26 जनवरी को नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर हरियाणा की जो झांकी निकलेगी, वह इसी योजना पर आधारित होगी।
सिर्फ हरियाणा की जनता के हित के लिए अपनाई यह योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही इस योजना की काफी सराहना कर चुके हैं। हकीकत ये है कि खट्टर सरकार ने तमाम राजनीतिक विरोधों को दरकिनार करके लोकहित में इसे अपनाया, जिसका लाभ आज प्रदेश की लाखों जनता को मिल रहा है।
एक क्लिक में राज्य के लोगों का सारा डेटा उपलब्ध
पीपीपी का फायदा ये है कि इसकी वजह से हरियाणा सरकार के पास एक क्लिक में राज्य के लोगों का पूरा डेटा उपलब्ध है। सरकार के पास यह ऐसा भरोसेमंद और सत्यापित डेटा है, जो सामाजिक पेंशन से लेकर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में मददगार साबित हो रहा है।
लाखों परिवारों का डेटा उपलब्ध
इसकी वजह से सरकारी योजनाओं में होने वाली सारी अनियमितताएं और धांधलियों की आशंकाएं खत्म हो गई हैं। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) हरियाणा सरकार की एक ई-गवर्नेंस योजना है।
पिछले साल मार्च तक प्रदेश में 73 लाख से ज्यादा परिवारों का सत्यापित डेटा सरकार के पास उपलब्ध था, जिसमें 2.88 करोड़ लोगों के बारे में विस्तृत आंकड़े जुटाए गए थे।
पूरे देश को पता चलेगा हरियाणा की उपलब्धि
जब 26 जनवरी को नई दिल्ली में पूरा देश हरियाणा की झांकी देखेगा तो उन्हें यह समझने का मौका मिलेगा कि इसके माध्यम से हरियाणा सरकार कैसे लोगों तक सेवाएं और फायदे पहुंचाने में सफल हुई है।
इसे भी पढ़ें- सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों को उनके घर द्वार पर मिल रहा: मनोहर लाल खट्टर
आज देश के सामने कड़वी सच्चाई ये है कि राष्ट्रीय जनगणना का कोई ताजा डेटा उपलब्ध नहीं है। जिससे कई बार सरकारों को किसी योजना को लागू करने में कठिनाइयां आती हैं। वहीं पीपीपी की वजह से हरियाणा सरकार के पास रियल टाइम डेटा मौजूद है, जिससे सरकारी योजनाएं बनाने और उन्हें लागू करने में सहायता मिल रही है।
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