हरियाणा सरकार की कोशिशों की वजह से लाखों गरीबों के जीवन में खुशहाली आई है। राज्य में गरीबी दर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। यह नीति आयोग के आंकड़े बता रहे हैं।

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हरियाणा में जबसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई वाली सरकार बनी है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के मुताबिक यहां गरीब कल्याण पर सरकार का पूरा फोकस रहा है।

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हरियाणा में गरीबों के जीवन में आ रही खुशहाली
इसी का नतीजा है कि सिर्फ 5-6 वर्षों के आंकड़ों को ही देखें तो राज्य में गरीबी दर में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार 2014 में बनी थी। अगले ही वित्त वर्ष यानी साल 2015-16 में राज्य की गरीबी दर 11.88 फीसदी दर्ज की गई थी।

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लेकिन, नीति आयोग के मुताबिक साल 2019-21 में हरियाणा की गरीबी दर घटकर महज 7.07 फीसदी रह गई थी। राज्य में गरीबी दर में यह गिरावट 4 फीसदी से अधिक की है। यह सफलता यूं ही नहीं मिली है। इसके लिए खट्टर सरकार ने लगातार मेहनत की है। गरीबों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए सरकार की ओर से सबकुछ समर्पित करने की कोशिश की गई है।

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14 लाख से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से आए बाहर
इन प्रयासों का ही परिणाम है कि हरियाणा में करीब दो साल पहले तक ही 14,29,341 लाख लोग गरीबी रेखा के ऊपर आ चुके थे। उन्हें गरीबी जैसी सामाजिक समस्या से छुटकारा दिला दी गई थी। हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन सीएम खट्टर ने गरीब कल्याण को लेकर जो बातें सदन में रखी हैं, वह देश के दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण का काम कर सकते हैं।

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हरियाणा में गरीबी रेखा का मानदंड भी औसत से ज्यादा है
कोई सरकार अगर जन-कल्याण को ध्यान में रखकर कदम बढ़ाती है तो परिणाम ऐसे ही आते हैं। वैसे हरियाणा की यह कामयाबी सामान्य नहीं है। सीएम खट्टर के मुताबिक देश में गरीबी रेखा से नीचे के लिए सालाना 1.20 लाख रुपए तक की आमदनी को मानदंड बनाया गया गया है।

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जबकि, हरियाणा की मौजूदा सरकार ने आमदनी के इस न्यूनतम मानदंड को बढ़ाकर 1.80 लाख रुपए कर दिया है। मतलब, राज्य में 1.20 लाख रुपए सालाना आमदनी वाले लोगों को मुफ्त अनाज समेत आयुष्मान कार्ड से संबंधित की केंद्र की योजनाओं का जो लाभ मिलता है,1.80 लाख रुपए तक आय वालों को वही लाभ देने पर होने वाले खर्च की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने ली है।

कल्याणकारी राज्य का बेहतरीन उदाहरण है हरियाणा
इसे और विस्तार से समझें तो हरियाणा में 1.68 करोड़ लोग बीपीएल और अंत्योदय परिवार के दायरे में आते हैं। इनमें से केंद्र सरकार की तरफ से 1.26 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और अन्य गरीब कल्याण योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

इनके अलावा जो 42 लाख लोग हैं, उनके लिए हरियाणा सरकार ने मुफ्त राशन और अन्य योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने का उत्तरदायित्व अपने कंधे पर लिया है।

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अगर किसी सरकार का ध्यान सिर्फ जन-कल्याण पर होता है तो जनता में एक भरोसा कायम होता और किसी भी कल्याणकारी राज्य के लिए यही पहली शर्त होनी चाहिए।