Haryana News: हरियाणा सरकार ने करीब 10 लाख गरीब परिवारों की सहायता के लिए एक और बहुत बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने एक झटके में इन गरीब परिवारों को घरेलू बिजली बिजली बिलों में बहुत बड़ी राहत दी है।

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने गरीब कल्याण की दिशा में एक ऐसा फैसला किया है, जिससे सीधे 9.5 लाख गरीब परिवारों की जिंदगी में नया उजाला आ गया है। हरियाणा सरकार ने फैसला किया है कि अगर बिजली की खपत नहीं है तो फिर बिजली बिल किस बात का।

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बिजली बिलों में मिनिमम मासिक शुल्क खत्म
इसके तहत हरियाणा में गरीब परिवारों के बिजली बिलों में मिनिमम मासिक शुल्क खत्म कर दिया गया है। इसकी वजह से इन गरीब परिवारों को बिजली बिलों में 91% तक बचत होने वाली है।

नायब सैनी सरकार ने घरेलू बिजली खपत में 1 किलो वॉट तक के लोड के लिए 115 रुपए और 2 किलो वॉट तक के लोड के लिए 230 रुपए मासिक न्यूनतम शुल्क को समाप्त कर दिया है।

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गरीब परिवारों के घरों में नया उजाला
हरियाणा सरकार का यह कदम सामान्य नहीं है। इससे लाखों गरीब परिवारों को हर महीने 210 रुपए तक की बजत होने वाली है या इतने रुपए का भुगतान करने से उन्हें छुटकारा मिल गया है।

गरीब कल्याण, हरियाणा सरकार का संकल्प
हरियाणा की मौजूदा सरकार गरीब कल्याण के लिए किस तरह से सोचती है, उसकी झलक सीएम सैनी के विचारों में मिलती है। नायब सैनी कहते हैं, 'हमारा मूल उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों के उत्थान के लिए मूलभूत सुविधाओं में वृद्धि करना है। इसी कड़ी में गरीब परिवारों के घरेलू बिजली बिलों में भारी कटौती की है तथा मिनिमम चार्ज खत्म किया है।'

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लाखों गरीबों के घर आएगा सिर्फ 20 रुपए का बिल
यह फैसला मामूली नहीं है। मसलन, जिन परिवारों के पास अभी 2 किलो वॉट तक का लोड है और अगर वे महीने में 100 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करते हैं, फिर भी उनके आने वाले बिजली बिल में कम से कम 5 रुपए की कटौती देखने को मिलेगी। लेकिन, जिन परिवारों की बिजली खपत जितनी कम है, उन्हें हरियाणा सरकार के इस कदम का उतना ही बड़ा लाभ मिलेगा।

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इस तरह से जिन परिवारों के पास 1 किलो वॉट का लोड है और वह महीने में मात्र 10 यूनिट ही बिजली इस्तेमाल कर पाते हैं, उनका बिजली बिल अब 115 रुपए से घटकर महज 20 रुपए हो जाएगा। इसी तरह जो 20 यूनिट खर्च करते हैं, उन्हें 115 रुपए की जगह अब सिर्फ 40 रुपए ही देना होगा।