Haryana News: हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने खाली पदों पर भर्तियों के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद जगाई है। राज्य सरकार जल्द ही 50,000 खाली पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।

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50,000 खाली पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करने की पहल हरियाणा के युवाओं की आकांक्षाओं को देखते हुए की जा रही है। क्योंकि, राज्य में ऐसी सरकार है, जिसने सरकारी भर्तियों के लिए इस तरह का सिस्टम तैयार किया है, जहां खर्ची और पर्ची वाले दिन लद गए हैं और सिर्फ योग्यता ही सरकारी नौकरियों का आधार बन चुका है।

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50,000 खाली पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज
हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के नए चेयरमैन के पदभार संभालते ही राज्य सरकार ने नई नियुक्तियों के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट कर दिया है कि ये सारी नियुक्तियां पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएंगी।

सरकार पर बढ़ा युवाओं का भरोसा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के नए चेयरमैन के शपथग्रहण समारोह के मौके पर कहा, 'यह गौरव की बात है कि युवाओं का सरकार की कार्यप्रणाली में भरोसा बढ़ गया है। क्योंकि, उन्हें बिना किसी 'खर्ची-पर्ची' के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं, जो पिछली सरकारों में प्रचलित थी।'

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हरियाणा में सरकारी नौकरी का आधार- सिर्फ योग्यता
युवाओं को रोजगार चाहिए और अगर एक सरकार बिना किसी भेदभाव के सिर्फ योग्यता के आधार पर यह उपलब्ध करवाती है तो इससे लोकतंत्र भी मजबूत होता है और उसके प्रति आदर और सम्मान भी बढ़ता है।

युवाओं के लिए हर मोर्चे पर डटी है हरियाणा सरकार
दरअसल, सरकार ने सामाजिक-आर्थिक आधार पर सरकारी नौकरियों के अभ्यर्थियों के लिए जो अतिरिक्त अंक देने की नीति अपनाई थी, उसे हाल ही में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट खारिज कर चुका है। लेकिन, नायब सिंह सैनी सरकार युवाओं को न्याय दिलाने के लिए जल्द ही सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है।

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राज्य सरकार ने यह व्यवस्था इसी वजह से की थी कि गरीब परिवारों के जो सदस्य सरकारी नौकरियों से वंचित हैं, उन्हें इसकी सहायता से इसमें आने में मदद मिले। हरियाणा सरकार पिछले एक दशक से लगातार कोशिश कर रही है कि ज्यादा से ज्यादा युवा सरकारी नौकरियों में भागीदार बनें, लेकिन इसके लिए न तो उनके साथ भेदभाव किया जाए और ना ही पैसे और पैरवी के दम पर योग्य उम्मीदवारों को उनके अधिकार से वंचित किया जा सके।

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अब राज्य सरकार ने जिस तरह से 50,000 खाली पदों पर नियुक्तियों की तैयारी शुरू की है, उससे जल्द ही युवाओं को अपने सपने साकार करने का मौका मिलने जा रहा है। क्योंकि, समाज में आज भी एक बहुत बड़ा वर्ग है, जिसका सपना सरकारी नौकरियों से शुरू होकर, सरकारी नौकरियों पर ही खत्म होता है।