Haryana News: हरियाणा सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए एक बहुत बड़ी पहल की है। आज देश में ब्रेस्ट या स्तन कैंसर महिलाओं के लिए बहुत बड़ी समस्या बन चुका है। यह ऐसी जानलेवा बीमारी है, जिसका तत्काल पता लगाकर उपचार शुरू करना ही उपाय है।

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इसके लिए हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने मेदांता फाउंडेशन के साथ तालमेल किया है। 'सवेरा कार्यक्रम' के नाम से शुरू की गई इस योजना से हर साल हजारों महिलाओं की जान बचाई जा सकती है। यह कैंसर मुख्य रूप से महिलाओं को ही अपनी चपेट में लेता है।

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महिलाओं में गंभीर संकट का रूप ले रही है यह बीमारी
ऐसा देखा जाता है कि ब्रेस्ट या स्तन कैंसर मुख्य रूप से शहरों में रहने वाली महिलाओं को अपनी चपेट में लेता है। इसकी वजह शहरी रहन-सहन, खान-पान का तरीका हो सकता है। हालांकि, अब यह समस्या गांवों में रहने वाली महिलाओं में भी बढ़ती जा रही है।

एक अनुमान के मुताबिक देश में सालाना 90,000 महिलाओं की अकेले इस बीमारी की वजह से मौत हो जाती है। ऐसी स्थिति में हरियाणा सरकार का 'सवेरा कार्यक्रम' हजारों जिंदगियों के लिए वरदान साबित हो सकता है।

शुरुआत में पता लगने से बच सकती है हजारों जान
क्योंकि, कैंसर का इलाज तभी मुमकिन है, जब शुरुआती स्तर पर उसका पता लग जाए। इसी वजह से समय पर स्क्रीनिंग बहुत जरूरी है और इससे हजारों महिलाओं की जान बचाई जा सकती है। 'सवेरा कार्यक्रम' उसी दिशा में उठाया गया कदम है।

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2022 में विश्व में 6,70,000 लोगों की स्तन कैंसर से हुई थी मौत
अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट देखें तो साल 2022 में दुनिया भर में 6,70,000 लोगों की सिर्फ स्तन कैंसर की वजह से मौत हो गई थी। स्तन कैंसर मूल रूप से महिलाओं को होने वाला रोग है और मात्र 0.5% से 1% पुरुष ही इसकी चपेट में आते हैं।

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स्क्रीनिंग के लिए हरियाणा सरकार की खास पहल
लेकिन, हरियाणा सरकार महिलाओं को होने वाली इस बीमारी को रोकने के लिए बहुत ही सजग है। राज्य में स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए ऐसी महिलाओं से योगदान लिया जाएगा, जो देख नहीं पातीं। इसकी वजह ये है कि माना जाता है कि जो देख नहीं पाते उनमें 'प्राकृतिक स्पर्श संवेदनशीलता' बहुत ही ज्यादा होती है।

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जानकारी के अनुसार ऐसे लोग आधा सेंटीमीटर तक के स्तन कैंसर का भी पता लगा सकते हैं, जबकि जांच के बाद एक सामान्य डॉक्टर एक सेंटीमीटर तक के कैंसर को पकड़ सकता है।

हरियाणा में इस कार्यक्रम की शुरुआत गुड़गांव के सेक्टर-10 स्थित सिविल अस्पताल, सेक्टर 31 स्थित पॉलीक्लिनिक और वजीरावाद के पीएचसी से शुरू किया गया है।

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हरियाणा सरकार की इस पहल से देख नहीं पाने वाली महिलाओं को भी समाज सेवा के लिए एक बहुत ही बेहतर अवसर मिल सकता है। वहीं जो महिलाएं स्तन कैंसर की चपेट में आ चुकी हैं, उनके लिए झज्जर जिला स्थित एम्स में नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट की भी स्थापना हो चुकी है।

1000 बिस्तरों वाला यह अत्याधुनिक अस्तपताल राज्य की स्तन कैंसर पीड़ित महिलाओं के जीवन बचाने के काम आ रहा है।