उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार हर संभव कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश में कानून का राज कायम किया गया है, जिसकी वजह से प्रदेश में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं।
प्रदेश में महिला हेल्पलाइन 181 को जारी किया गया है। जिसकी मदद से प्रदेश में 5.62 लाख महिलाओं की सहायता की गई है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की गई है। प्रदेश में 1090 महिला हेल्पलाइन से 99.55 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा किया गया है।
गौर करने वाली बात है कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए प्रदेश सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है। प्रदेश सरकार की ओर से यूपी महिला सामर्थ्य योजना की भी शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत महिलाओं को रोजगार के प्रति प्रेरित किया जाएगा और उनके जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
इस योजना के माध्यम से प्रदेश में महिलाओं को स्थानीय संसाधनों के आधार पर होम एंड कॉटेज उद्योगों के माध्यम से सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं को अपनी उपज को बेचने के लिए सरकार बाजार भी उपलब्ध करवाएगी। यूपी महिला सामर्थ्य योजना को सरकार ने यूपी बजट 2021-22 की घोषणा करते हुए 22 फरवरी को शुरू किया है। इसके लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया।
इस योजना के लिए महिला का यूपी का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है, साथ ही महिला के पास आधार, राशन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर देने की जरूरत है।
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