Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार 02 फरवरी को इंदौर पहुंचे। यहां नगर निगम के नवनिर्मित परिषद सभागृह के शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में नगर निगमों सहित अन्य स्थानीय निकायों को और अधिक अधिकार संपन्न बनाया जायेगा। इससे विकास को नई गति और नई दिशा मिलेगी।
इस दौरान सीएम यादव इंदौर नगर निगम के निर्माणाधीन भवन के कार्य को पूर्ण करने के लिए 50 करोड़ रूपये देने की घोषणा की। साथ ही कहा कि स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के भी प्रयास किए जाएंगे। बता दें कि इंदौर नगर निगम के नवनिर्मित परिषद सभागृह का नाम पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व अटलबिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है।
लोकार्पण कार्यक्रम के अवसर पर सीएम यादव ने कहा कि प्राधिकरण की तर्ज पर नगर निगम भी योजनाएं ला सकेगा। स्थानीय निकाय को कुछ और अधिकार दिए जाएंगे ताकि वे स्वावलंबी बन सकें। अपने पैरों पर खड़ा हो सकें। क्यों सिर्फ प्राधिकरण ही निर्माण करेगा, कालोनी काटेगा, मार्केट बनाएगा। नगर निगम भी अपनी योजनाएं लाएं। स्वावलंबी बनें।
सीएम यादव ने कहा कि इंदौर शहरवासियों का सौभाग्य है कि उनका शहर दो ज्योर्तिलिंगों के मध्य स्थित है। इंदौर में अहिल्या माता जैसी कुशल एवं कर्मठ प्रशासक रही हैं। उन्होंने इंदौर के विकास में अहिल्या माता तथा होल्कर वंश द्वारा दिए गए योगदान का उल्लेख भी किया। कहा कि अहिल्या माता का इंदौर के विकास में विशेष योगदान है।
माता अहिल्या अन्य शहरों और धर्मस्थलों में भी विशेष विकास कार्य करवाये हैं। हमें इनसे प्रेरणा लेना चाहिये। कहा कि इंदौर नगर निगम के नवनिर्मित परिषद सभागृह का नाम पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटलबिहारी वाजपेयी के नाम पर रखना गौरव की बात है। स्व. वाजपेयी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को गौरवान्वित किया तथा उच्च आदर्श स्थापित किये। हमें उनसे प्रेरणा लेना चाहिए।
कहा कि मध्यप्रदेश को देश का नंबर एक राज्य बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि विकास में स्थानीय निकायों की अहम भूमिका है। कार्यक्रम में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर में नगर निगम द्वारा अत्याधुनिक सुर्वसुविधायुक्त सुंदर सदन का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि सदन में सकारात्मक चर्चा हो।
सभी जनप्रतिनिधि पूर्ण अध्ययन के साथ चर्चा में भाग ले। तथ्यों के साथ अपनी बात को रखें। पार्षदों को अध्ययनशील बनना चाहिये। पार्षद, विधायिका की पहली सीढ़ी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे पदों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी एवं मेहनत के साथ जनता के हित में करें। सुंदर सदन में शहर की सुंदरता के काम हो, यह सुनिश्चित किया जाये।
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