MP की मोहन सरकार ने 60 दिन पूरे कर लिए हैं, जहां मोहन सरकार ने अपने 60 दिन के कामकाज को सेवा के 60 दिन का नाम दिया है। इस दौरान मोहन सरकार ने 60 दिन में किए गए कामों का बखान किया है, जहां मोहन सरकार की ओर से प्रदेश भर में अलग-अलग काम किए गए हैं।

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मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने 60 दिन में कई महत्वपूर्ण काम किए हैं, जहां मोहन सरकार ने अपने 60 दिन के कामकाज का लेखा-जोखा भी जनता के सामने रखा है। इतना ही नहीं मोहन सरकार के कामकाज का असर भी अब प्रदेश में दिखने लगा है, जहां लगातार प्रदेश उन्नति की राह पर आगे बढ़ रहा है।

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विकसित भारत संकल्प यात्रा के माध्यम से 50 लाख से अधिक सासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित लोग लाभांवित। पीएम जन-मन योजना से जनजातीय समाज को शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिस्चित। विशेष पिछड़ी जनजाति बहल जिलों में रु. 7300 करोड से आंगनवाड़ी केन्द्र छात्रावास, सड़कें, पुल और आवासों के निर्माण का निर्णय। 56 लाख से अधिक हितग्राहियों को रु. 681 करोड़ की सामाजिक सुरक्षा पैरुन का अंतरणा।स्वामित्व योजना में 1.75 लाख ग्रामीण नागरिकों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोटी द्वारा भू-अधिकार पत्र वितरित

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प्रधानमंत्री द्वारा रु. 170 करोड़ की लागत से खरगोन में कांतिसूर्य टेट्मा मौल विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा। प्रत्येक जिले में एक शासकीय महाविद्यालय का पीएम उत्कृष्टता महाविद्यालय के रूप में उन्नयन का निर्णय। आगर-मालवा में नया विधि महाविद्यालय, सागर में रानी अवंती बाई लोधी विश्वविद्यालय तथा गुना में तात्त्या टोपे विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा में 28.9%, सकल नामांकन के साव अनुपात में राष्ट्रीय औसत से आगे निकला। रोजगार दिवस के अंतर्गत रिकॉर्ड 7 लाख से अधिक युवाओं को रु.5 हजार करोड़ से अधिक का स्व-रोजगार ऋण वितरित।

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