महाराष्ट्र सरकार ने प्रदेश में एफडीआई को बढ़ाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार की ओऱ से उठाए जा रहे इन कदमों का लाभ भी दिखने लगा है। इसकी तस्दीक इस बात से भी होती है कि महाराष्ट्र एफडीआई के मामले में देश का पहला राज्य बन गया है।

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महाराष्ट्र सरकार की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार प्रदेश ने अप्रैल 2022 से सितंबर 2023 के बीत 1.83 लाख करोड़ रुपए की एफडीआई हासिल की है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र एफडीआई के मामले में देश का पहला राज्य बन गया है।

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यहां अप्रैल 2022 से सितंबर 2023 के बीच कुल 1.83 लाख करोड़ रुपए का फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट आ चुका है। फडणवीस ने बताया कि जो लोग प्रदेश की असल क्षमता को कमतर आंक रहे थे उनके लिए प्रदेश की असल क्षमता को समझना चाहिए। महाराष्ट्र में हमेशा से जबरदस्त वित्तीय और औद्योगिक क्षमता रही है। महाविकास अघाड़ी की सरकार में प्रदेश एफडीआई के मामले में पिछड़ गया था। लेकिन एक बार फिर से महाराष्ट्र एफडीआई के मामले में देश का पहला राज्य बन गया है।

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फडणवीस ने कहा कि महाविकास अघाड़ी की ढाई साल की सरकार के कार्यकाल के बाद प्रदेश में एकनाथ शिंदे की सरकार आई, जिसने पिछले कुछ सालों में जबरदस्त काम किया है। 2014-19 के बीच महाराष्ट्र एफडीआई के मामले में देश का पहला राज्य था। हालांकि कुछ सालों के लिए प्रदेश इसमे पिछड़ गया था, लेकिन एक बार फिर से महाराष्ट्र एफडीआई के मामले में रफ्तार पकड़ चुका है।

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वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही में महाराष्ट्र को 36634 करोड़ रुपए का एफडीआई प्राप्त हुआ है, दूसरी तिमाही में 28868 करोड़ रुपए प्रात हुए ङैं। कुल मिलाकर महाराष्ट्र अपने प्रतिद्वंदियों कर्नाटक, दिल्ली से कहीं आगे है। उदाहरण के तौर पर अप्रैल से सितंबर 2023 के बीच महाराष्ट्र को 65502 करोड़ रुपए एफडीआई से प्राप्त हुए जोकि दिल्ली, गुजरात और कर्नाटक को मिला लें तो भी उनसे अधिक है।