Jharkhand: झारखंड में 6 कॉरिडोर का निर्माण होने वाला है। इसमें से 4 एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर और 2 टूरिस्ट कॉरिडोर होंगे। इन कॉरिडोरों से झारखंड की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, दूसरी तरफ पर्यटन स्थलों को ध्यान में रखकर एक से दूसरे इलाके को जोड़ा जायेगा।

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राज्य का पथ निर्माण विभाग इस दिशा में तेज से काम कर रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक इसका सर्वे करवा लिया गया है। एलाइनमेंट लगभग तय किया जा चुका है। अब इस कार्य के लिए डीपीआर तैयार कराये जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के तहत एनएच 75 पर मुरीसेमर (यूपी बॉर्डर) से सड़क का निर्माण होगा, जो चतरा, बरही, बेंगाबाद, मधुपुर, सारनाथ, पालाजोरी होते हुए दुमका तक पहुंचेगा। इसके बन जाने से मुरीसेमर से दुमका की दूरी 117 किमी घट जायेगी। यह प्रयास किया जा रहा है कि इसका ज्यादातर हिस्सा ग्रीन फील्ड होगा, यानी नयी सड़क होगी। इसके बन जाने से कम से कम वक़्त और इंधन से एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र पहुंचा जा सकेगा।

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झारखंड इस्टर्न कॉरिडोर में ये होगा रूट झारखंड इस्टर्न कॉरिडोर के तहत साहिबगंज से जामताड़ा, निरसा, सिंदरी, चंदनकियारी और चांडिल तक सड़क बनायी जायेगी. साहिबगंज से चांडिल की दूरी करीब 126 किमी की कमी होगी. इससे आवागमन सरल हो जायेगा. यह भी ज्यादातर ग्रीनफील्ड एरिया ही होगा.

रूट नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के तहत झुमरी तिलैया (ए़नएच 31) से विष्णुगढ़, पेटरवार, कसमार, बरलंगा, सिल्ली, रड़गांव, सरायकेला होते हुए सड़क चाईबासा तक बनाई जाएगी। ऐसे में झुमरीतिलैया से चाईबासा की दूरी 79 किमी कम होने का अंदाजा है। इसी प्रकार इसका सफर भी पहले की तुलना में काफी कम समय में होगा। वहीं झारखंड सेंट्रल कॉरिडोर में रांची के कांठीटांड़ से कार्य शुरू होगा, जो ठाकुरगांव, बुढ़मू, टंडवा, चतरा, हंटरगंज होते हुए बिहार के डोभी तक जायेगा। इस प्रकार रांची से डोभी जाने में अभी की तुलना में लगभग 50 किमी की यात्रा कम हो जायेगी।

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