हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार अरावली व अन्य पहाड़ियों पर अवैध खनन को रोकने के लिए रणनीति तैयार कर रही है। इसके लिए एक विस्तृत योजना अगले दो महीनों में तैयार कर ली जाएगी। इन जगहों पर अवैध खनन को रोकने के लिए प्रदेश सरकार इन क्षेत्रों में ड्रोन तैनात करने जा रही है। इसके साथ ही यहां पर सैटेलाइट से नजर रखी जाएगी। सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे और टॉवर व चेक पोस्ट को स्थापित किया जाएगा, जो यहां पर होने वाले अवैध खनन पर पैनी नजर रखेगी।

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इन पहाड़ी क्षेत्रों पर अवैध खनन की वजह से छलनी हुए क्षेत्रों को फिर से पुनर्जीवित करने के लिए भी प्रदेश सरकार कदम उठा रही है। यहां पर विशेष पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव ने कहा कि इस कार्ययोजना को लेकर अलग-अलग विभागों के साथ बैठक की जा चुकी है। अगले डेढ़ से दो महीने में इसको लेकर विस्तृत योजना तैयार कर ली जाएगी। इसे मुख्य रूप से अरावली, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी के लिए तैयार किया जा रहा है।

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गौर करने वाली बात है कि नूंह में खनन माफियों ने डिप्टी एसपी को मौत के घाट उतार दिया था। 2009 में सुप्रीम कोर्टने गुरुग्राम, फरीदबादा, नूंह में स्थित पहाड़ियों पर खनन को पूरी तरह से रोकने का आदेश दिया था। जिसके बावजूद यहां अवैध खनन हो रहा था। प्रदेश सरकार इसे रोकने में विफल रही थी। लेकिन स्थानीय लोगों ने इसके खिलाफ आवाज उठानी शुरू की। जिस तरह से अवैध खनन करने वालों ने यहां खुदाई करके इसे खोखला कर दिया है वह बड़ी चिंता का विषय है। फिहलाल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी यहां खुदाई को रोकने के लिए गुहार लगाई है।

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एनजीटी ने हरियाणा सरकार की दलील सुनने के बाद कहा था कि यहां पर खनन रुकना चाहिए। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया था कि इस मुद्दे को गंभीरता से लें। हाल ही में विधानसभा में भी इस मुद्दे पर एक रिपोर्ट पेश की गई थी। इस रिपोर्ट में दिए गए सुझावों को भी प्रदेश की सरकार लागू कर रही है।