Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक तो पहुंच ही रहा है। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सही व्यक्ति को उसका हक मिले। उसे मिल रही सरकारी सुविधाओं, योजनाओं का दुरुपयोग ना हो, बंदरबांट ना हो इसकी भी कोशिश की जा रही है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र जारी किया था। शुरुआती दौर में सरकार की इस नवीन पहल को लेकर कई तरह की बातें हुई। इस पर सवाल उठाए गए। लेकिन धुन के पक्के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस योजना की न सिर्फ शुरुआत की। बल्कि इसकी जानकारी आम आवाम तक पहुंचाने को भी सुनिश्चित किया।
सीएम खट्टर की यह महत्वाकांक्षी योजना ने सिर्फ सफल साबित हुई है। बल्कि परिवार पहचान पत्र से पात्रों को घर बैठे योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। सरकार प्रदेश के 2.80 करोड़ लोगों के डाटा का सफल विश्लेषण कर दुनिया के सामने एक बेहतरीन परियोजना के रूप में प्रदर्शित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। बड़ी बात यह है कि इससे सरकार को परिवारों की सही जानकारी का पता चलता है। सरकार को जनकल्याण संबंधी योजना बनाने में आसानी होती है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पंचकूला में परिवार पहचान पत्र को लेकर आयोजित वर्चुअल कार्यशाला में परिवार पहचान पत्र योजना को दुनिया की अनोखी योजना बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश के पात्र लोगों को घर बैठे योजनाओं का लाभ मिल रहा है। हम प्रदेश के 2 करोड़ 80 लाख लोगों का डाटा का सफल विश्लेषण करने के बाद दुनिया के सामने यह बेहतरीन परियोजना रखने में सफल होंगे।
सीएम खट्टर ने अपने संबोधन के दौरान यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से इसका अध्ययन करने का आवाहन किया है। कई राज्यों की टीम इसका अध्ययन भी कर चुकी है।
मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि पहले नागरिकता की पहचान के लिए आधार कार्ड की व्यवस्था थी। लेकिन समाज में परिवार जिसमें बच्चों से लेकर वृद्धजन होते हैं। उनके डाटा की सटीक जानकारी के लिए समुचित व्यवस्था नहीं थी। जिसे 2011 की जनगणना के डाटा के अनुसार जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की जा रही थी। हमने अधिकारियों के सहयोग से परिवार पहचान पत्र को शुरू किया है। जिससे बेहतरीन नतीजे सामने आ रहे हैं।
सीएम खट्टर ने अधिकारियों से यह भी कहा कि वह परिवार पहचान पत्र के प्रति लोगों का संतुष्टि स्तर बढ़ाने की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि इससे पहले अपात्र लोग भी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा लेते थे और पात्र लोग वंचित रह जाते थे। आज सरकार के पास परिवार की सही जानकारी होने से पात्र लोगों को भी सभी योजनाओं का लाभ घर बैठे मिल रहा है। जिससे ओल्ड एज पेंशन बीपीएल कार्ड सहित अन्य कल्याणकारी योजनाएं शामिल है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह परिवार पहचान पत्र की त्रुटियों को ठीक करते समय इस बात का ध्यान रखें कि इससे लोगों में किसी प्रकार की निराश ना हो तथा पीपीपी के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हो। परियोजना की सफलता के लिए लोगों से मिलने वाले बेहतरीन सुझावों को भी शामिल करने का प्रयास करें। प्रदेश के प्रत्येक परिवार को कुशल बनने में परिवार पहचान पत्र योजना मील का पत्थर साबित होगी।
अब आगे हरियाणा सरकार राज्य के अन्य जिलों में पीपीपी को लेकर कार्यशाला आयोजित करने पर विचार कर रही है। इसके लिए प्रधान सचिव वी उमाशंकर ने बताया कि त्रुटियां ठीक करने के लिए 11 जिलों में वर्कशॉप में अच्छे सुझाव भी मिले हैं।
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