Haryana News: हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में जुलाई 2023 में आई बाढ़ से अगर किसी व्यक्ति के मकान को नुकसान हुआ है। उसे लेकर अब भी जिला उपायुक्त को लिखित में अपील की जा सकती है। अगर जांच के बाद नुकसान की रिपोर्ट सही पाई गई तो नुकसान की भरपाई की जाएगी। डिप्टी सीएम चौटाला विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे।

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डिप्टी सीएम चौटाला ने बताया कि बाढ़ के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। ऐसे में फसलों के नुकसान के मुआवजे के लिए कुल 1 लाख 34 हजार 310 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसी तरह घरों की क्षति के मुआवजे के लिए 6,057 आवेदन और जानवरों की मृत्यु के कारण मुआवजे के लिए 383 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

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उन्होंने बताया कि मुआवजे के दावों के उचित सत्यापन के बाद राज्य सरकार के निर्धारित मानदंडों के अनुसार मूल्यांकन किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में फसलों के नुकसान के लिए 97 करोड़ 93 लाख 25 हजार 839 रुपए मुआवजे के तौर पर डीबीटी के माध्यम से पात्र किसानों को जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि पशु हानि और मकान क्षति के 4,768 दावों के लिए 5 करोड़ 78 लाख 60 हजार 500 रुपए मंजूर किए गए हैं। जिनमें से 574 दावों का मुआवजा तकनीकी त्रुटि के कारण डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में वितरित नहीं किया जा सका। दुष्यंत चौटाला ने आगे बताया कि त्रुटि ठीक होने के बाद शेष मुआवजा भी वितरित कर दिया जाएगा।

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डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने यह भी बताया कि सिरसा जिले में मुआवजे के दावों के उचित सत्यापन के बाद मकान क्षति के 14 आवेदनों के विरुद्ध मुआवजे के रूप में 3 लाख 55 हजार रुपए स्वीकृत किए गए। उन्होंने बताया कि फसल क्षति के 1,242 दावे प्राप्त हुए हैं। उचित सत्यापन के बाद 3 करोड़ 20 लाख 20 हजार 574 रुपए का मुआवजा के तौर पर आकलन किया गया है। जो जारी करने के लिए विचाराधीन है।

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