Haryana News: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में सिंचाई विभाग की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति दी है। भूजल एवं पेयजल में सुधार के लिए कई वृहद योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। ताकि नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल एवं सिंचाई सुविधाएं मिल सके। विभाग द्वारा इन परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।

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सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि देते हुए कि राज्य के गांवों में बड़े बड़े पक्के जल भंडारण बनाकर नहरी पानी का भंडारण करने की भी ऐसी व्यवस्था तैयार की गई है। जिससे बरसात के समय उपलब्ध नहरी पानी का रबी एवं खरीफ की फसल की सिंचाई के लिए उपयोग में लाया जा सके। इन जल भंडारण का निर्माण विशेष रूप से उन गांवों में किया जा रहा है। जहां नहर का पानी सर्दियों के समय में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पाता।

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प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में जहां नहरी पानी ले जाना संभव नहीं है। उन क्षेत्रों में बरसाती बांधों को पक्का करवाने का बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। इस तरह की व्यवस्था इन क्षेत्रों में बनाई गई है कि जब भी भारी बारिश होगी और यह बनाए गए सारे पक्के बांध बरसाती जल से भर जाएंगे। इनसे पहाड़ी क्षेत्र में आगामी कई वर्षों तक भूजल का लाभ प्राप्त होता रहेगा।

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उन्होंने बताया कि महेन्द्रगढ जिले के नांगल चौधरी हलके के गांव दताल में 6 करोड़ रुपए की लागत से 4 एकड़ भूमि में एक बड़ा जल भंडारण बनाने की योजना को मंज़ूरी दी गई है। महेंद्रगढ़ के गांव पांचनोता के बरसाती बांधों को पक्का करने सहित कई प्रोजेक्ट पर टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नांगल चौधरी हलके के लगभग बीस से अधिक गांवों में पक्के बांध किए जा चुके हैं। एक सीमेंट कंक्रीट का बांध मूसनोता के पहाड़ों में बनाया गया है। पहाड़ी क्षेत्र पंचकूला के कई गांवों में भी बांध बनाए गए हैं। इसके अलावा हलके के 15 गांवों में ट्यूबेल लगाने की स्वीकृति भी विभाग द्वारा दी जा चुकी है।

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