हरियाणा के मुख्‍यंत्री मनोहर लाल खटृर ने सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े एक नियम में बड़ी ढील दी है। प्रदेश सरकार ने सरकारी सेवा में पहली नियुक्ति से पहले चयनित अभ्यर्थियों के लिए चरित्र और पूर्ववृत्त सत्यापन की प्रक्रिया में ढील दी है।

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मुख्य सचिव संजीव कौशल ने इस आदेश के संबंध में एक पत्र भी भेजा है जिसमें उन्‍होंने कहा है कि

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हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा 30 जून, 2024 तक नियुक्तियों के लिए अनुशंसित उम्मीदवारों को अब नियुक्ति से पहले चरित्र, पूर्ववृत्त और नियुक्ति के लिए आवश्यक सभी दस्तावेजों के सत्यापन के बिना अंतरिम रूप से नियुक्त किया जा सकता है।

ये लेटर राज्य के प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों सहित प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को भेजा गया है। जिसमें साफ लिखा गया है कि अंतिम नियुक्ति के लिए आवश्यक चरित्र, पूर्ववृत्त और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित सत्यापन प्रक्रिया उनकी अंतरिम नियुक्ति के दो महीने की अवधि के भीतर पूरी की जानी चाहिए।

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वहीं सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पंचकूला में मिशन कर्मयोगी हरियाणा के 'नैतिकता शिविर' में शामिल हुए। उन्‍होंने इस अवसर पर कहा

नैतिकता और संस्कार हमारे मन को मजबूत बनाते हैं जिससे सेवा करने का भाव उत्पन्न होता है।
'मिशन कर्मयोगी हरियाणा' के माध्यम से हमारा प्रयास है कि सभी सरकारी अधिकारी तथा कर्मचारी संवेदनशीलता एवं नैतिकता के साथ जनता के हित में कार्य करते हुए अपने दायित्वों को निभाएं और उनमें कर्तव्यपरायणता का यह भाव सदैव जागृत रहे।