हरियाणा के नागरिक उड्डययन विभाग ने पिछले चार साल प्रगति की ऊंची उड़ान भरते हुए कई उपलब्धियां हासिल की है। मंगलवार को राज्‍य के उपमुख्‍यमंत्री दुष्‍यंत सिंह चौहान ने प्रोजेक्ट हिसार एविएशन हब के बारे में जानकारी दी।

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उन्‍होंने बताया पिछले दिनों हैदराबाद में एविएशन से संबंधित "विंग्स इंडिया-2024" एक सम्मेलन तीन एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। जिसमें पहला एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के साथ हुआ है। इस समझौते के तहत एयरपोर्ट पर इक्विपमेंट मैनेजमेंट, फंक्शनिंग और टेक्निकल स्पोर्ट एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया करेगी।

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वहीं दूसरे एमओयू के अनुसार पवनहंस लिमिटेड और भारत सरकार और हरियाणा सरकार के बीच हुआ। इसके लिए हरियाणा के नागरिक उड्डययन विभाग ने एचएसआईआईडीसी से 30 एकड़ जमीन लेकर भारत सरकार को दी है। यह जमीन गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेस के साथ है।

इसमें देश का सबसे बड़ा हेलीहब स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह हेलीहब दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से मात्र 13 किलोमीटर की दूरी पर होगा। इस हेलीहब से पूरे उत्तर भारत को एपिक सेंटर के तौर पर हेलीकॉप्टर टैक्सी सर्विस , प्राइवेट चार्टर , मेडिकल एम्बुलेंस की हेली-सर्विसिस जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

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वहीं डिप्‍टी सीएम दुष्‍यंत ने तीसरे एमओयू के बारे में बताया कि यह एमओयू "अलाइंस एयर कंपनी" और हरियाणा सरकार के मध्य हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नौ एयर-रूट्स चिन्हित किये गए हैं जिनमे उक्त कंपनी वीजीएफ (वाइबिलिटी गैप फंडिंग ) की स्कीम के आधार पर जहाज़ की उड़ान भरेगी। इनमें हिसार से दो जहाज़ सप्ताह में तीन दिन उड़ेंगे। अंबाला में सिविल टर्मिनल बनने के बाद वहां से एयर -सर्विस शुरू हो जाएगी।

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उन्होंने यह भी बताया कि देश की अन्य बड़ी एयरलाइन्स अकासा ,इंडिगो तथा स्पाइसजेट के प्रतिनिधियों ने भी भविष्य में हिसार एयरपोर्ट को चंडीगढ़ एयरपोर्ट की तरह पार्किंग के लिए यूज करने के मंशा जताई है, क्योंकि दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर दिन प्रतिदिन एयर ट्रैफिक बढ़ रहा है, ऐसे में हिसार एयरपोर्ट भी रात्रि के समय जहाज़ -पार्किंग के लिए बेहतरीन विकल्प के तौर पर सही रहेगा।