दिल्ली में कई वर्षों से लंबित मेट्रो के चौथे चरण में आने वाली अड़चन अब जल्द दूर होने वाली है। सोमवार (19 फरवरी) को दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच एक अहम समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के लिए सीएम केजरीवाल ने मंजूरी दे दी है। इस एमओयू को मंजूरी के बाद दावा किया जा रहा है कि दिल्ली मेट्रो की कई साल से अटकी दिल्ली मेट्रो के फेज चार लाइन का रास्ता साफ हो गया है।

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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुताबिक मेट्रो के चौथे चरण के तहत तीन कॉरिडोर जनकपुरी वेस्ट-रामकृष्ण आश्रम, दिल्ली एरोसिटी-तुगलकाबाद स्टेशन और मजलिस पार्क-मौजपुर के लिए जरूरी एमओयू पर हस्ताक्षर की अनुमति दे दी है।

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बता दें कि मेट्रो के चौथे चरण के अंतर्गत कुल छह कॉरिडोर का निर्माण किया जाना है। वर्ष 2021 तक इसका निर्माण कार्य पूरा किया जाना था, परंतु अभी सिर्फ जनकपुरी वेस्ट-रामकृष्ण आश्रम, दिल्ली एरोसिटी- तुगलकाबाद स्टेशन और मजलिस पार्क-मौजपुर का काम चल रहा है, जबकि रिठाला-नरेला, लाजपत नगर-साकेत जी ब्लाक और इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर को अभी तक मंजूरी भी नहीं मिली है।

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एक रिपोर्ट के मुताबिक ये एमओयू मेट्रो रेल नीति 2017 के अंतर्गत होगा। जिसके तहत केंद्र सरकार मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण का खर्च 50-50 प्रतिशत के फार्मूले पर वहन करेगा। वहीं मेट्रो को अगर किसी तरह से ऋण भुगतान में देरी होती है तो दिल्ली सरकार को खर्च उठाना पड़ेगा। वहीं केंद्र सरकार ने कहा है कई राज्यों में मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है, इसलिए अब वह निर्माण में ही आधा खर्च वहन करेगी, लेकिन अन्य जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकार को उठानी पड़ेगी।

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