छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद से विकासकार्यों में अभूतपूर्व तेजी देखी जा रही है। राज्य के हर कोने में सड़कों की मरमत और निर्माण का कार्य जोर पकड़ चुका है। ताजा जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन एवं चौड़ीकरण के 18 कार्यों के लिए भारत सरकार द्वारा 3289 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह सब सीएम विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रयासों से संभव हो सका है।

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के 253 किलोमीटर लंबाई के उन्नयन एवं चौड़ीकरण के 18 कार्यों के लिए 3289 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही भविष्य में प्रस्तावित 1006 किलोमीटर लंबाई के आठ कार्यों के सर्वेक्षण एवं डीपीआर के लिए 35 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लिए इतनी बड़ी राशि का प्रावधान करने के लिए भारत सरकार तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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वही लोक निर्माण विभाग के कार्यों में तेजी लाने और उन्हें समय पर पूर्ण करने राज्य शासन द्वारा निविदा को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब सड़क और सेतु निर्माण के लिए निविदा के पहले संबंधित कार्यपालन अभियंता को प्रमाणित करना होगा कि कार्य के लिए 90 प्रतिशत बाधारहित भूमि उपलब्ध है। भवन निर्माण के लिए पूरी जमीन व्यवधानरहित होने पर ही निविदा आमंत्रित की जा सकेगी।

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा विभागीय कार्यों में तेजी और कसावट लाने के निर्देश के बाद राज्य शासन ने प्रमुख अभियंता सहित सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं को इस संबंध में परिपत्र जारी किया गया है। विभाग ने नए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इनका समुचित पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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लोक निर्माण विभाग द्वारा मंत्रालय से प्रमुख अभियंता से लेकर सभी कार्यपालन अभियंताओं को जारी परिपत्र में निर्देशित किया गया है कि निविदा आमंत्रण के पूर्व कार्यपालन अभियंता को यह प्रमाणित करना होगा कि सड़़क निर्माण के लिए सड़़क की प्रस्तावित कुल लंबाई की 90 प्रतिशत लंबाई व्यवधानरहित है। साथ ही 90 प्रतिशत लंबाई में सभी प्रकार की बाधाएं जैसे भूअर्जन, वन भूमि व्यपवर्तन एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया गया है तथा शेष 10 प्रतिशत भूमि बाधारहित करने की कार्यवाही 180 दिनों में पूर्ण कर ली जाएगी। विभाग ने भवन निर्माण के लिए 100 प्रतिशत व्यवधानरहित भूमि उपलब्ध होने के बाद ही निविदा आमंत्रण की कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।