पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोतसिंह बैंस ने गुरुवार को विधानसभा को जानकारी दी है कि प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में 612 असिस्टेंट प्रोफेसर्स की सीधी भर्ती की जाएगी। प्रदेश के कॉलेजों में प्रोफेसर्स की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार की ओर से यह सीधी भर्ती की जा रही है। शिरोमणि अकाली दल के विधायक सुखविंद कुमार सुखी ने सदन में इसको लेकर सवाल किया था। इसके जवाब में हरजोत सिंह बैंस ने कहा की सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर्स की सीधी भर्ती की जाएगी।

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सुखविंद कुमार ने कहा कि इन कॉलेज में रिटायर्ड प्रोफेसर्स को ही विजिटिंग फैकल्टी के तौर पर बुलाया जाता है। इन्हें प्रति लेक्चर के आधार पर रखा जाता है। लेकिन बैंस ने कहा कि एक बार जब सीधी भर्ती हो जाएगी तो इस व्यवस्था को खत्म कर दिया जाएगा और स्थायी प्रोफेसर्स ही छात्रों की क्लास लेंगे। गौर करने वाली बात है कि प्रदेश के कई विभागों में सरकारी नौकरी के लिए युवाओं की भर्ती की जा रही है।

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मुख्यमंत्री ने गुरुवार को 2486 युवाओं को अलग-अलग विभागों में भर्ती का नियुक्ति पत्र बांटा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सरकार की मंशा हो तो युवाओं को रोजगार दिलाया जा सकता है। हमारी सरकार ने सिर्फ दो साल में 43 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। सरकारी नौकरी का मतलब होता है पूरे परिवार की जीवनशैली बदल जाती है। पिछले 75 साल में आखिर ऐसा क्यों नहीं किया गया। यह दर्शाता है कि पूर्व की सरकारों की मंशा नहीं थी।

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पहले भ्रष्टाचार और परिवारवाद के आधार पर नौकरी दी जाती थी। लेकिन अब मेरिट के आधार पर युवाओं को रोजगार दिया जा रहा है। पारदर्शी भर्ती से ना सिर्फ युवाओं के भीतर सकारात्मकता आती है बल्कि सरकारी विभागों में बेहतर कार्यशैली भी देखने को मिलती है। हमारी सरकार युवाओं की हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।