दिल्ली नगर निगम यानि एमसीडी जल्द ही 154 टोल प्लाजा पर टोल कलेक्शन के लिए किसी नई कंपनी को टेंडर दे सकती है। शहर के बॉर्डर प्वाइंट पर इन टोल प्लाजा को मैनेज करने के लिए सरकार किसी नई कंपनी की तलाश कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि इसको लेकर कार्य पहले ही पूरा हो चुका है।

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मेयर शैली ओबरॉय ने कहा कि गुरुवार को सदन की बैठक के दौरान 18 एजेंडा को पास किया गया जबकि 4 को फिलहाल के लिए टाल दिया गया है, वहीं दो को पुनर्विचार के लिए भेज दिया गया है। एमसीडी ने टोल प्लाजा पर नए ऑपरेटर की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए नई कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट के लिए प्रस्ताव एमसीडी कमिश्नर के पास भेज दिया गया है।

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नए ड्राफ्ट के अनुसार इन टोल प्लाजा के लिए जो बोली निकाली गई है इसके लिए 847 करोड़ रुपए की न्यूनतम राशि तय की गई है। इसके लिए टोल ऑपरेटर कंपनियां अपनी बोली लगा सकती है। पिछली बार 2017 में जब निविदा निकाली गई थी तो उसकी तुलना में इस बार कम से कम 33.2 फीसदी अधिक की निविदा निकाली गई है। पिछली बार यह 636 करोड़ रुपए थी। हालांकि अभी इस प्रस्ताव पर एमसीडी कमिश्नर की मंजूरी आना बाकी है।

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प्रस्तावित योजना के अनुसार मौजूदा टोल ऑपरेटर को एमसीडी ने 3 साल का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। इसे 2021 में दिया गया था। जोकि अप्रैल 2024 को खत्म हो रहा है। ऐसे में इस अवधि के समाप्त होने से पहले एमसीडी को नए टोल ऑपरेटर का चुनाव करना है। इस वर्ष फरवरी माह में एमसीडी ने उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया था, जिसे टेंडर से जुड़े कामकाज की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी। इस कमेटी में 8 सदस्य थे, जिसने इस वर्ष 7 बैठकें की हैं, हाल ही में नवंबर माह में भी कमेटी की बैठक हुई थी।