दिल्ली सरकार ने बुजुर्गों की सुविधाओं के लिए अहम पहल के तहत ओल्ड एज होम्स का निर्माण करवा रही है। सरकार का ये कदम बेसहारा बुजुर्गों के हित में अहम कदम माना जा रहा है। दिल्ली के समाज कल्याण विभाग की ओर की जा रही इस पहल से दिल्ली में ओल्ड एज होम में कुल 505 बेसहारा बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था की जा रही है। पश्चिम विहार में ओल्ड एज होम का निर्माण पूरा होने के साथ राष्ट्रीय राजधानी में कुल पांच ओल्ड एज होम में हो जाएंगे।

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ओल्ड एज होम में क्या- क्या सुविधाएं
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने पश्चिम विहार में इसका निर्माण करा रहा है। इसमें बुजुर्गों की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा गया है। इस होम में रहने वाले बुजुर्गों को निःशुल्क आवास, भोजन, कपड़े, बिस्तर की सुविधाएं दी जाएंगी।

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ये होंगी सुविधा
  • शौचालय और स्नान घर के साथ 50 हवादार कमरे हैं।
  • मनोरंजन केंद्र
  • आधुनिक रसोई एवं भोजन एरिया
  • पार्किंग की सुविधा
  • सार्वजनिक घोषणा प्रणाली
  • मुफ्त आवास भोजन, कपड़े और बिस्तर की सुविधा
  • केस वर्क और परामर्श सेवाएं
  • बुजुर्गों की चिकित्सा देखभाल
  • फिजियोथेरेपी
  • टीवी, रेडियो, पुस्तकें और भजन-कीर्तन कार्यक्रमों के साथ अन्य मनोरंजन सुविधाएं

अब तक दिल्ली में 4 ओल्ड एज होम
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने पश्चिम विहार में इसका निर्माण करा रहा है। इसमें बुजुर्गों की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा गया है। इस होम में रहने वाले बुजुर्गों को निःशुल्क आवास, भोजन, कपड़े, बिस्तर की सुविधाएं दी जाएंगी। इससे पहले दिल्ली में कुल चार ओल्ड एज होम का संचालन समाज कल्याण विभाग कर रहा है। जिनमें साउथ-वेस्ट जिला के बिंरापुर, अशोक विहार में ज्योतिबा होम, डॉ. बीआर अंबेडकर सीनियर सिटीजन होम, ताहिरपुर ओल्ड एज होम शामिल है। दिल्ली में पहला ओल्ड एज होम साउथ-वेस्ट जिला के बिंरापुर में 1974 में निर्मित किया गया था। जहां 52 बेसहारा बुजुर्ग रह सकते हैं। दूसरा अशोक विहार में ज्योतिबा होम 2019 में शुरू हुआ। इस ओल्डएज होम में 36 बुजुर्गों के रहने की क्षमता है। तीसरा पूर्वी दिल्ली के कांति नगर में डॉ. बीआर अंबेडकर सीनियर सिटीजन होम है। यहां पर 117 बुजर्गों के रहने की क्षमता है। जबकि चौथा ताहिरपुर का ओल्ड एज होम है, जो 300 बुजुर्गों के रहने की क्षमता वाला है।

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