दिल्‍ली की अरविंद केजरीवाल सरकार युवाओं को नया उद्योग स्‍थापित करने के लिए अहम कदम उठाने जा रही है। दिल्‍ली केजरीवाल सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया दिल्‍ली सरकार जल्‍द ही स्‍टार्टअप और क्‍लाउड किचन पॉलिसी लाने जा रही है।

Advertisement


ये जानकारी दिल्‍ली सरकार के उद्योग मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दिल्‍ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित सीआईआई एमएसएमई समिट में दी। समिट में अलग-अलग सेक्‍टर के दिल्‍ली के उद्योगपतियों ने हिस्‍सा लिया।

मंत्री सौरभ ने बताया सरकार दिल्‍ली वासियों के लिए दो अहम कार्य करने जा रही है। जिसमें पहला स्‍टार्ट पॉलिसी है जिसके तहत दिल्‍ली सरकार उन युवाओं को जो अपना उद्योग स्‍थापित करना चाहते हैं, उन्‍हें विभिन्न प्रकार की सुविधा जैसे मेंटरशिप, फण्ड, लीज रेंटल रिमबर्समेंट, आईपीआर ग्रांट, एग्जिबिशन स्पोर्ट्स, स्कॉलरशिप के माध्यम से तथा अन्य माध्यमों से सहायता करेगी।
दिल्‍ली सरकार का इसे शुरू करने का उद्देश्‍य युवा जो अलग-अलग प्रकार के व्‍यवसाय का अनुभव रखते हैं या इनोवेटिव आइडिया रखते हैं, वो अपना बिजनेस स्‍थापित कर सकें।

Advertisement

उद्योग मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि स्‍टार्ट पॉलिसी को कैबिनेट से मंजूरी भी मिल चुकी है और यह स्‍टार्ट पॉलिसी जल्‍द व्‍यवहार में लाई जाएगी।दिल्‍ली सरकार के मंत्री सौरभ ने बताया दिल्‍ली सरकार दूसरा अहम कार्य जो करने जा रही है वह है क्‍लाउड किचन पॉलिसी। इस पॉलिसी के तहत दिल्‍ली सरकार इस व्‍यवसाय को मान्‍यता देगी।

मंत्री ने बताया कि क्‍लाउड किचन फूड डिलीवरी सिस्‍टम को अभी सरकार से मान्‍यता नहीं प्राप्‍त है। सरकार का उद्देश्‍य क्‍लाउड किचन पॉलिसी लागू कर इसे मान्‍यता देकर पूरी इंडस्‍ट्री के तौर पर स्‍थापित करना है।

Advertisement

इस मौके पर सौरभ भारद्वाज ने कहा दिल्‍ली के सरकारी तंत्र में अलग-अलग सरकारी हस्‍तक्षेप होने के कारण जिस आधार पर दिल्‍ली का विकास हुआ, सरकारी संस्‍थान उस स्‍तर पर स्‍वयं को कुशल नहीं बना पाए, जिसका असर दिल्‍ली के आवासीय और औद्योगिक बाजार पर दिखाई देता है।

ये भी पढ़ें- दिल्ली के बेसहारा बुजुर्गों को जल्‍द मिलने वाला है नया ओल्‍ड एज होम, सीएम केजरीवाल ने दी संचालन की मंजूरी

Advertisement

उन्‍होंने कहा जिसके कारण आवासीय अपार्टमेंट की लोगों को जरूरत थी लेकिन डीडीए आवासीय अपार्टमेंट नहीं बना पाई, आवासीय कॉलोनी डेवलप नहीं कर पाई। जिसके कारण दिल्‍ली में जहां लोगों को जगह मिली वहां पर उन्‍होंने घर का प्रबंध किया और अनऑथराइज्ड कॉलोनी का निर्माण होता।