राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास जारी हैं। इस दिशा में सभी विभाग समन्वय के साथ का कर रही हैं। वन विभाग, डीडीए, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, शिक्षा विभाग, एनडीएमसी, दिल्ली जल बोर्ड, पर्यावरण विभाग,डीएसआईआई डीसी, सीपीडब्लूडी, एनडीपीएल, आईएफसीडी,नार्दन रेलवे, बीएससीएस और पर्यावरण विभाग ने संयुक्त रूप से अब तक कई पहल की है। वहीं पर्यावरण विभाग इस बार बड़े स्तर पर वृक्षारोपण का कार्यक्रम चला रहा है। जिसके तहत दिल्ली के ग्रीन बेल्ट को बढ़ाने और दिल्ली के प्रदूषण को कम करने का लक्ष्य रखा गया है।
दिल्ली सरकार में वन एवं पर्यावण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि इस साल वृक्षारोपण अभियान के तहत 64 लाख से ज्यादा पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया , जिसमें से लगभग 7 लाख 74 हजार निःशुल्क पौधे वितरित किए जाएंगे। इसका लक्ष्य दिल्ली के ग्रीन बेल्ट को बढ़ाना और दिल्ली के प्रदूषण को कम करना है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील करते हुए कहा कि वह वृक्षारोपण अभियान में शामिल हों, जिससे की दिल्ली के हरित क्षेत्र में और वृद्धि हो सके।
25 एजेंसियां कर रही मदद
वृक्षारोपण कार्यक्रम में 25 से ज्यादा एजेंसियां शामिल हैं। दिल्ली सरकार ने इस साल 64 लाख पौधे लगाने और वितरित करने का लक्ष्य रखा है,जिसमें इसमें 24 लाख 83 हजार बड़े पौधे और 31 लाख 57 हजार झाड़ियां लगाई जाएंगी। इससे पहले सरकार ने पिछले साल 52 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। वन विभाग 20 लाख 40 हजार पौधे लगाएगा, जबकि डीडीए 10 लाख 20 हजार, एनडीएमसी 6 लाख, शिक्षा विभाग की ओर से 3.30 लाख, एमसीडी 6 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
वृक्षारोपण अभियान
दिल्ली की हरित रणनीति के तहत वन विभाग, नोडल एजेंसी के रूप में, इस अभियान की निगरानी करेगा, जिसका उद्देश्य शहर भर में पर्याप्त संख्या में पेड़ लगाना है. यह प्रयास केवल पेड़ लगाने के बारे में नहीं है बल्कि एक स्थायी शहरी वन बनाने के लिए इन पेड़ों की देखरेख भी शामिल है। वृक्ष प्रत्यारोपण के परिणामस्वरूप अक्सर पेड़ों के जीवित रहने की दर कम हो जाती है। इससे निपटने के लिए, प्रत्यारोपित पेड़ों की जीवित रहने की दर की निगरानी और सुधार के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जाएगा।
दिल्ली के धूल प्रदूषण को 15 जून से 30 जून तक चलने वाले धूल विरोधी अभियान के माध्यम से टारगेट किया जाएगा। इसके अलावा खुले में कूड़ा जलाने पर सतर्कता से निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा दिल्ली में कुल 573 गश्ती टीमें इस प्रयास की निगरानी टीमें काम कर रही हैं।
एक बयान में पर्यावण मंत्री ने कहा कि दिल्ली को हीट वेव से बचाने के मुख्य उपाय हरित क्षेत्र को बढ़ाना है। हमने दिल्ली के लोगों को चुनाव के समय जो महत्वपूर्ण गारंटी दी थी, उसमें राजधानी के पर्यावरण को ठीक करना भी है। सरकार अपने इस कार्यकाल के चौथे वर्ष में ही लगभग 2.5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इस लक्ष्य को सभी 21 सम्बंधित विभागों की हरित एजेंसियों के द्वारा पूरा किया गया है. उन्होंने बताया कि साल 2013 में हरित क्षेत्र 20 फीसद था, जो कि अब 2021 में बढ़कर 23.06 फीसदी हो गया है।
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