राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर केजरीवाल सरकार लगातार गंभीर है। 15 वर्ष पुराने डीजल वाहनों को लेकर सरकार ने सख्त नियम लागू किए हैं। इन नियमों के उल्लंघन पर अगर वाहन जब्त किए जाते हैं, तो उन्हें छुड़ाने के लिए सरकार ने कुछ कड़े रूल लागू किए हैं।

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दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने जब्त की गई गाड़ियों के लिए नई गाइडलाइन जारी है। जिसके मुताबिक, जब्त किए गए वाहनों के दस्तावेज को तीन हफ्तों के अंदर जमा करना होगा। दस्तावेज जमा करने के एक हफ्ते के अंदर एनफोर्सेमेंट एजेंसी के पास वाहन मालिकों दस्तावेज जमा करने होंगे। अग वाहन मालिक ऐसा नहीं करते हैं तो उनका वाहन जब्त कर लिया जाएगा।

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बता दें कि दिल्ली में 10 साल पूरे कर चुके डीजल वाहनों और 15 साल पूरे कर चुके पेट्रोल वाहनों की उम्र पूरी मानी जाती है। दिल्ली सरकार की गाइडलाइन्स के मुताबिक, चार पहिया वाहनों की जब्ती पर वाहन के मालिक को 10 हजार रुपये भुगतान राशि के तौर पर भरने होंगे। वहीं दो पहिया वाहनों के लिए ये राशि पांच हजार रुपये है। पहली बार पकड़े जाने पर यह राशि भरकर वाहन को छुड़वाया जा सकता है। उसके बाद वाहन मालिक को र्स्‍कैप पॉलिसी के अनुसार अपने वाहन को स्‍क्रैप के लिए भेजना होगा।

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वहीं वाहन अगर दोबारा दिल्‍ली में सार्वजनिक स्‍थान पर चलता हुआ पाया जाता है तो उसे वापस नहीं दिया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर जब्‍त वाहनों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की व्यवस्था की गई है। जिसके जरिए वाहन के मालिक, एनफोर्सेमेंट एजेंसी और जब्त किए गए वाहन से जुड़ी सभी डिटेल्स इस प्लेटफॉर्म पर देखी जा सकेंगी। इसके जरिए कार्रवाई की के पूरे प्रोसेस को ट्रैक भी किया जा सकता है।