दिल्ली सरकार ने दिल्‍ली की सड़कों पर ट्रैफिक व्‍यवस्‍था को सुधारने और नियमों को तोड़ने वालों पर एआई कैमरों से नजर रखने की कवायाद शुरू कर दी है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमेटेड (डीटीआईडीसी) ने इस योजना के तहत दिल्‍ली की सड़कों पर तकनीकी का जाल फैलाना शुरू कर दिया है।

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दिल्ली सरकार राजधानी में हर जगह अत्याधुनिक कैमरे लगवाने पर फोकस रहेगा। इस प्रोजेक्‍ट पर दिल्‍ली सरकार 50 करोड़ रुपये की लागत लगाएगी और इस प्रोजेक्‍ट को तीन साल के अंदर पूरा कर लिया जाएगा।

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ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों के अनुसार दिल्‍ली सरकार के निर्देशानुसारइसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस प्रोजेक्ट का तीन चरणों में शिड्यूल किया गया तो तीन साल में पूरा होगा। उन्‍होंने बताया इसके तहत काम मिलने के पहले साल में कंपनी को 20 फीसदी काम पूरा करना होगा।

दिल्ली सरकार के डीटीआईडीसी की योजना के तहत पहले साल में 20 फीसदी, दूसरे साल में 60 फीसदी और तीसरे साहल में ।00 फीसदी काम पूरा करना होगा।

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दिल्‍ली सरकार का ये प्रोजेक्‍ट इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आइटीएस) पर आधारित है। इसमें Artificial Intelligence (एआई) आधारित अत्याधुनिक कैमरों के जरिए दिल्‍ली की सड़कों पर 2 हर दिन 24 घंटे निगरानी की जाएगी। इन एआई कैमरों के ज‍रिए रीयल टाइम ट्रैफिक के आधार पर यातायात व्यवस्था का मैनेजमेंट करना आसान होगा

इन कैमरों के लगने से ट्रैफिक के नियम तोड़ने वाला किसी भी हालत में बच नहीं सकेगा। गाड़ी ड्राइव करते समय जो भी निमय तोड़ेगा, उसके खिलाफ सख्‍म कार्रवाई होगी।

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इस योनजा के तहत सरकार की ओर से टेंडर जारी कर दिया है और अप्रैल तक जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने के साथ प्रोजेक्ट धरातल स्‍तर पर शुरू हो जाएगा।

इस प्रोजेक्‍ट के शुरू होने के बाद दिल्ली का ट्रैफिक सिस्टम देश में सबसे अत्याधुनिक होगा और दिल्‍ली का ट्रैफिक सिस्‍टम नार्वे, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, इटली को टक्‍टर देगा।

पीपीपी मोड की हर साल समीझाा होगी जिस भी कंपनी को ये काम सौंपा जाएगा उस कंपनी को कम से कम 25 सालाें तक चलाना होगा।